10 या 11 को निकलेगी राजधानी में झांकी

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रायपुर। कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल राजधानी में झांकियां नहीं निकली थी लेकिन इस बार कोरोना की रफ्तार थमने के कारण 10 या 11 सितंबर को गणेश विसर्जन की झांकियां निकल सकती है। इसके लिए जिला प्रशासन जल्द ही गणेशोत्सव समितियों के साथ बैठक करने वाली है इसके बाद तारीख तय हो जाएगा। संभवत: 10 सितंबर की रात को झांकियां निकलने की संभावना है। हमेशा की तरह इस बार भी खारुन नदी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित किया गया है, पास में बने कुंड में ही गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा, वहीं बड़ी मूर्तियों के लिए अलग से व्यवस्था की पहले की तरह ही होगी।
दो साल बाद निकलने वाली झाकियों को लेकर गणेश समितियों ने अभी से तैयारियां शुरु कर दी और संभवत: इस बार भव्य झांकियां शहरवासियों को देखने को मिलेगी। इसको लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने भी अपनी तैयारियां शुरु कर दी है और जल्द ही जिला प्रशासन गणेश उत्सव समितियों के साथ बैठक कर शहर में निकलने वाली झांकियों के संदर्भ में चर्चा कर एक तारीख तय करेगी और संभावना है कि 10 या 11 तारीख को झांकी निकली। जिला प्रशासन की माने को 10 सितंबर सही रहेगा क्योंकि 10 तारीख को शनिवार पड़ रहा है और 11 तारीख को रविवार। शनिवार को झांकी निकलती है तो शहर में ट्रैफिक का उतना दबाव नहीं पड़ेगा जितना सोमवार से शनिवार को पड़ता है, क्योंकि झांकी शनिवार को देर रात को निकलेगी और अगले दिन रविवार पड़ेगा। हमेशा की तरह झांकियां शारदा चौक से शुरू होंगी। शारदा चौक से जयस्तंभ, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लिलि चौक, लाखेनगर, सुंदर नगर, महादेव घाट रिंग रोड होते हुए रायपुरा महादेव घाट के पास निर्मित विसर्जन कुंड स्थल में जाकर विसर्जित की जाएंगी। लाखेनगर से महादेव घाट तक रोड वन वे रहेगा क्योंकि एक तरफ झांकियां गुजरती रहेंगी और दूसरी तरफ से आने और जाने वाले लोग। जो झांकी निकलेगी उसमें शहर की बड़ी गणेश प्रतिमाओं के साथ राजनांदगांव और दुर्ग से भी लाई गई झांकियां शामिल होंगी।

इसके लिए रायपुर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने निगम के तीनों अपर आयुक्तों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जिसमें अधीक्षण अभियंता बीआर अग्रवाल, नगर निवेश सहायक अभियंता निशीकांत वर्मा, जोन 8 कमिश्नर अरुण ध्रुव, जोन 6 कमिश्नर नेतराम चंद्राकर, उपायुक्त स्वास्थ्य एके हालदार एवं कार्यपालन अभियंता जल बीएल चंद्राकर शामिल हैं। सभी अधिकारी विसर्जन की व्यवस्था संभालेंगे। खारुन नदी में किसी भी सूरत में प्रतिमाओं को विसर्जित नहीं किया जाएगा। नदी के किनारे निर्मित विसर्जन कुंड में नगर निगम गणेश विसर्जन के लिए कुण्ड के निर्माण में जुट गया है। जहां 9 से 12 सितम्बर तक गणेश प्रतिमाओं का विर्सजन किया जा सकता है।

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