18 अगस्त 2022 का पंचांग: रात 09.21 से शुरू हो जाएगी अष्टमी तिथि, बनेंगे ये 3 शुभ योग

Date:

18 अगस्त भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। गुरुवार को पहले भरणी नक्षत्र होने से पद्म नाम का शुभ योग और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र होने से लुंबक नाम का अशुभ योग बनेगा। साथ ही वृद्धि और ध्रुव नाम के 2 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हिंदू पंचांग की तीन धाराएँ हैं- पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित कैलेंडर पद्धति। भिन्न-भिन्न रूप में यह पूरे भारत में माना जाता है। एक वर्ष में 12 महीने होते हैं। इन 12 महीनों के नाम इस प्रकार हैं- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन। इन सभी महीनों का नाम इन महीनों की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा की स्थिति के आधार पर रखे गए हैं। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…

18 अगस्त का पंचांग
18 अगस्त 2022, दिन गुरुवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 09.21 से रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। बहुत से लोग इसी दिन जन्माष्टमी पर्व मनाएंगे। इस दिन सूर्योदय भरणी नक्षत्र में होगा, जो सुबह 11.35 तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। गुरुवार को पहले भरणी नक्षत्र होने से पद्म नाम का शुभ योग और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र होने से लुंबक नाम का अशुभ योग इस दिन बन रहा है। साथ ही इस दिन वृद्धि और ध्रुव नाम के 2 अन्य शुभ योग भी रहेंगे। गुरुवार को राहुकाल दोपहर 02:06 से 03:42 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
गुरुवार को चंद्रमा मीन में, सूर्य सिंह राशि में, शुक्र कर्क राशि में, बुध सिंह राशि में, शनि मकर राशि (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें।

18 अगस्त के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- कृष्ण
दिन- गुरुवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- भरणी और कृत्तिका
करण- विष्टि और बव
सूर्योदय – 6:08 AM
सूर्यास्त – 6:53 PM
चन्द्रोदय – Aug 18 11:19 PM
चन्द्रास्त – Aug 19 12:53 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:05 से 12:56 तक

18 अगस्त का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड – 6:07 AM – 7:43 AM
कुलिक – 9:19 AM – 10:54 AM
दुर्मुहूर्त – 10:23 AM – 11:14 AM, 03:29 PM – 04:20 PM
वर्ज्यम् – 12:44 PM – 02:29 PM

कुंडली का नौवां भाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्म कुंडली के नौवें भाव को देखकर व्यक्ति के आध्यात्मिक जीवन का विचार किया जाता है। यह भाव लोगों के लिए बहुत ही शुभ होता है। इस भाव के अच्छा होने से व्यक्ति को हर क्षेत्र में तरक्की मिलती है। गुरु, पिता, पूर्व जन्म, पूजा, धर्म, पुत्र आदि को नवम भाव से दर्शाया जाता है। जिस व्यक्ति का नवम भाव अच्छा होता है वह व्यक्ति भाग्यवान होता है। इसके साथ ही नवम भाव से व्यक्ति के धार्मिक दृष्टिकोण का पता चलता है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

VIJAY SHARMA PRESS CONFERENCE : 400 सट्टा ऐप बैन, STF एक्शन तेज

VIJAY SHARMA PRESS CONFERENCE : 400 betting apps banned,...

RUSSIA DOLLAR DEAL : रूस-अमेरिका डील की भनक… सोना-चांदी में बड़ी टूट!

RUSSIA DOLLAR DEAL : रूस-अमेरिका डील की भनक… सोना-चांदी...