CG News : Dial 112 service on ventilator, government accused of negligence
रायगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘डायल 112’ सेवा, जिसे आपातकालीन संकट में जनता का सुरक्षा कवच माना जाता है, रायगढ़ जिले में खुद ही दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले में सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए सात साल पहले जो 16 वाहन सौंपे गए थे, उनमें से वर्तमान में केवल 5 गाड़ियाँ ही चालू हालत में हैं।
खस्ताहाल सिस्टम और कबाड़ होती गाड़ियाँ
विभागीय उदासीनता और खराब मेंटेनेंस का आलम यह है कि शेष 11 वाहन थानों के कोनों में जंग खा रहे हैं। इनमें से 9 गाड़ियाँ पिछले दो वर्षों से मरम्मत की राह देख रही हैं, जबकि 2 पूरी तरह कंडम हो चुकी हैं। तकनीकी स्थिति इतनी खराब है कि किसी गाड़ी का स्टेयरिंग फेल है तो किसी का इंजन जवाब दे चुका है। वर्तमान में यह सेवा केवल कोतवाली, कोतरारोड, चक्रधरनगर, खरसिया और कापू क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई है।
जनता पर भारी पड़ रही देरी
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क दुर्घटना या प्रसव जैसी इमरजेंसी होने पर मदद समय पर नहीं पहुँच पा रही है। मजबूरन लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकारियों ने पूर्व में मेंटेनेंस देखने वाली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है

