WINTER SESSION OF PARLIAMENT : आज से संसद का शीतकालीन सत्र, 2 अहम बिल पेश कर सकती है सरकार, हंगामा होना तय

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WINTER SESSION OF PARLIAMENT: Winter session of Parliament from today, government can present 2 important bills, there is sure to be uproar.

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद से भले ही देश का सियासी माहौल अब काफी बदल चुका है लेकिन इसके बाद भी विपक्षी पार्टियों के जिस तरह के तेवर है, उससे साफ है कि सोमवार से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार रहेगा।

वैसे भी सत्र के सुचारु संचालन के लिए रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी पार्टियों ने जिस तरह से अदाणी व मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग रखी है, उसमें हंगामा होना तय है। सरकार ने भी सत्र के दौरान वक्फ संशोधन, एक राष्ट्र-एक चुनाव जैसे करीब 16 विधेयकों को भी सत्र में लाने के संकेत दिए है। इनमें वक्फ, एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक को लेकर पहले ही प्रमुख विपक्षी दलों के साथ पहले से टकराव है। वक्फ संशोधन बिल समेत 16 विधेयक सूचीबद्धइस बीच हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड के विधानसभा चुनाव और कई राज्यों में हुए उपचुनाव की छाया में सोमवार से संसद की शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, जो 20 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में इन राज्यों के चुनाव परिणाम का भी प्रभाव देखने को मिलेगा। संसद सत्र के सुचारु संचालन के लिए रविवार को रखी गई सर्वदलीय बैठक में सत्र के काम-काज पर चर्चा हुई।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सत्र के लिए सरकार ने करीब 16 विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। इनमें वक्फ संशोधन विधेयक और पंजाब न्यायालय संशोधन विधेयक शामिल है। इसके साथ ही सत्र के दौरान एक राष्ट्र-एक चुनाव से जुड़ा विधेयक भी लाया जा सकता है। इसके संकेत पहले ही सरकार दे चुकी है।

सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार सरकारः रिजिजू

रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा को तैयार है। वह बिल्कुल नहीं चाहती है कि सदन का समय खराब हो। इस बीच वक्फ संशोधन विधेयक पर जगदंबिका पाल की अगुवाई में गठित जेसीपी भी सत्र के पहले हफ्ते के अंतिम दिन ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, विपक्ष ने जेपीसी को दिए गए समय को और बढ़ाने की मांग की है। वहीं विपक्षी पार्टियों ने सत्र के दौरान अपनी मांग भी सरकार के सामने रखी। लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने सरकार ने अदाणी पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा कराने की मांग को प्रमुखता से रखा। साथ ही उन्होंने मणिपुर हिंसा, उत्तर भारत में वायु प्रदूषण के बने खतरनाक हालात और रेल हादसों पर चर्चा की मांग की।

अदाणी पर आरोप गंभीर

प्रमोद तिवारीराज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि अदाणी को लेकर अमेरिका में जिस तरह से काम लेने के लिए दो हजार करोड़ की रिश्वत देने के आरोप लगे है, वह गंभीर है। सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा कराकर रिश्वत लेने वाले सभी लोगों को बेनकाब करना चाहिए। साथ ही अदाणी को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।संसद सत्र को लेकर सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस सहित 30 पार्टियों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, प्रमोद तिवारी व जयराम रमेश के अतिरिक्त टी शिवा, हरसिमरत कौर बादल, अनुप्रिया पटेल आदि शामिल थी।

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