HC ORDER : Doctor’s plea dismissed, rape case trial to proceed…
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लातूर के डॉक्टर विजय उमाकांत वाघमारे की दुष्कर्म केस में याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने साफ कहा कि FIR और चार्जशीट रद्द नहीं की जा सकती। अब मामला ट्रायल कोर्ट में जाएगा और आरोपी को अपना बचाव करने का पूरा मौका मिलेगा।
डॉ विजय वाघमारे, जो एमएस ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं, पर भिलाई में 2018 में रेप का आरोप है। पीड़िता का कहना है कि डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया और बाद में लगातार शारीरिक संबंध बनाए।
अदालत में डॉक्टर की तरफ से कहा गया कि वे उस समय पुणे के ससून जनरल अस्पताल में ड्यूटी पर थे और FIR झूठी है। आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता की मां शादी के लिए दबाव डाल रही थी और FIR दर्ज करने में 19 महीने की देरी हुई।
लेकिन राज्य सरकार ने कोर्ट में बताया कि ये सभी मुद्दे ट्रायल में ही सुलझेंगे। हाईकोर्ट ने भी कहा कि FIR या चार्जशीट रद्द करने के लिए सबूतों की जांच या मिनी ट्रायल नहीं हो सकता।
पीड़िता ने बताया कि साल 2017 में उनकी मुलाकात डॉक्टर से हुई थी। मेलजोल बढ़ने के बाद डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर रेप किया और बाद में शादी से इनकार कर दिया।
अब मामला ट्रायल कोर्ट में जाकर पूरी तरह से सामने आएगा।

