RANK CONTROVERSY : ‘Double Aspiration’ scandal in UPSC!
नई दिल्ली। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के रिजल्ट के बाद एक चौंकाने वाला विवाद सामने आ गया है। 301वीं रैंक को लेकर दो अलग-अलग लड़कियां खुद को असली उम्मीदवार बता रही हैं। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है और दोनों ही दावा कर रही हैं कि यह रैंक उनकी है।
एक तरफ बिहार की आकांक्षा सिंह हैं, जिनके बारे में खबर चली कि उन्होंने 301वीं रैंक हासिल की है। इस खबर के बाद उनके घर जश्न भी शुरू हो गया और इंटरव्यू तक दिए गए।
लेकिन मामला तब पलट गया जब यूपी के गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह सामने आईं। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि 301वीं रैंक उनकी है और उनके पास इसका पूरा सबूत भी है।
दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाली डॉ. आकांक्षा सिंह ने अपना एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि वह AIIMS पटना से गायनेकोलॉजी में मास्टर्स कर चुकी हैं और UPSC 2025 में उन्हें 301वीं रैंक मिली है।
उन्होंने साफ कहा कि सच्चाई एडमिट कार्ड के बारकोड से सामने आ जाएगी। जब दोनों के एडमिट कार्ड की जांच की गई तो एक बड़ा फर्क सामने आया।
गाजीपुर वाली आकांक्षा के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 लिखा है और बारकोड स्कैन करने पर भी वही नंबर दिखता है। जबकि बिहार वाली आकांक्षा के एडमिट कार्ड पर बाहर से वही रोल नंबर लिखा है, लेकिन बारकोड स्कैन करने पर नंबर अलग निकल रहा है।
शुरुआती जांच में गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह का दावा ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर असली 301वीं रैंक किसकी है।

