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Three Level Panchayat Elections: दोनों पार्टियों ने झोंकी ताकत, क्या बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस लगा पाएंगी सेंध

सूरजपुर। चुनाव को लेकर इन दिनों देश भर के सियासी गलियारों में दंगल मचा हुआ है। ऐसा ही कुछ नज़ारा इन दिनों सूरजपुर में देखने को भी मिल रहा लेकिन यह दंगल उत्तरप्रदेश के चुनाव को लेकर नही बल्कि सूरजपुर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 5 के उपचुनाव को लेकर है। जिस पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा द्वंद मचा हुआ है। दरअसल इस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रहे विजय प्रताप सिंह की मृत्यु के बाद यहां उपचुनाव होना है। नामांकन की प्रकिया के बाद अब चुनाव की तारीखों का एलान भी हो चुका है जिसके बाद से दोनों पार्टियों ने इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

तस्वीरों में दिखाई देता क्षेत्र सूरजपुर जिले के सुदूर अंचल में बसा बिहारपुर है जहां इन दिनों का माहौल उत्तर प्रदेश के सामान ही नजर आ रहा है यहां भी दोनों ही पार्टियों ने चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा मानकर पूरी ताकत झोंक दी हैं,,, जबकि इस चुनाव का असर ना तो जिला पंचायत के अध्यक्ष और ना ही उपाध्यक्ष के पद पर पड़ने वाला है,,  फिर भी दोनों ही पार्टियों ने इस सीट पर अपना परचम फहराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है,,, जहाँ एक ओर इस चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए कांग्रेस के खुद क्षेत्रीय विधायक पारसनाथ राजवाड़े कमान संभाले रखी है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के पूर्व ग्रहमंत्री से लेकर पार्टी के सभी प्रमुख पदाधिकारी कैंपियन कर रहे हैं,,,

जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 5 बिहारपुर में कुल 38 पंचायत शामिल है,,इस क्षेत्र में अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे स्वर्गीय शिवप्रताप सिंह के परिवार का ही दबदबा रहा है,,,इसे भाजपा का गढ़ भी कहा जाता है जिसे आज तक कांग्रेस तोड़ने में नाकामयाब रही है ,,,यहां से लगातार सालों से भाजपा चुनाव जीतते आ रही है और इस बार चुनाव में भाजपा समर्थित विजय प्रताप की धर्मपत्नी सुमन सिंह मैदान में है,,जो सहानभूति और भाजपा के द्वारा कराए गए कामों को लेकर आम जनता की बीच जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं,,, वहीं कांग्रेस समर्थित रन साय प्रदेश सरकार की योजनाओं के भरोसे जनता के बीच जा रहे है और आर्शिवाद मांग रहे है,,

बिहारपुर क्षेत्र भटगांव विधान सभा में आता है लेकिन लगातार दो बार इस विधानसभा से विधायक रहे  पारसनाथ राजवाड़े भी इस  क्षेत्र से कभी लिड हासिल नहीं कर पाए हैं और यहां से भाजपा ही हमेशा बढ़त में रही है ,,,, शायद यही वजह है की इस चुनाव को दोनों पार्टीयों ने अपनी प्रतिष्ठा मान लिया है ,,,इस चुनाव में खुद विधायक पारसनाथ राजवाड़े ने अपने हाथों में कमाल संभाल रखा है और अपनी पूरी टीम के साथ डोर टू डोर प्रचार करते नजर आ रहे हैं उनका साफ कहना है कि जिस तरह से 3 सालों में हमने इस क्षेत्र में काम किया है और कांग्रेस के सरकार बनने के बाद  किसानों को लाभ पहुंचाने के काम किया गया है साथ ही कई पुल पुलिया स्कूल कालेज की सौगात भी हम लोगों के द्वारा यहां की जनता को दिया गया है निश्चित ही इस बार लोग बदलाव करेंगे और इस गढ़ में कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी रन साय विजय होंगे इस चुनाव में अगर कांग्रेस यहां से बढ़त बना लेती है या चुनाव जीत जाती है तो इसका सीधा लाभ 2023 में होने वाले चुनाव में कांग्रेस को होने वाली है जो  कांग्रेस यहां से 6 से  8 हजार वोटों से पीछे रहती थी अगर इस बार चुनाव जीत जाते हैं तो कांग्रेस की एक बड़ी राहत होगी साथ ही  यह भी बता चल जाएगा की विधायक दौरा विकास के कामो को जनता का कितना प्यार आशीर्वाद मिला

बिहारपुर की बात करें तो अभी तक यहां की जनता भाजपा और शिव प्रताप सिंह के परिवार पर ही भरोसा दिखाते आ रही है और इस बार फिर से विजय प्रताप की धर्मपत्नी सुमन सिंह चुनाव लड़ रही हैं और लोगों के बीच जाकर अपने ससुर और पति के कामों को बता कर एक बार और आशीर्वाद मांग रही हैं निश्चित यह चुनाव शिवप्रताप सिंह परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिस तरह से इस परिवार ने जिले के साथ प्रदेश में भी नेतृत्व किया है और एक  बार और बड़ी लड़ाई लड़ रही है सामने कांग्रेस विधायक के नेतृत्व में इनके सामने चुनाव लड़ रही हैं उसके बाद बावजूद भी यहां से अगर सुमन सिंह चुनाव जीत जाती है  तो शिव प्रताप सिंह परिवार से 2023 में भाजपा के तरफ एक चेहरा विधानसभा में देखने को मिल सकता है।

बरहाल क्षेत्र की जनता दोनों पार्टियों को अंदर से टटोलने में इन दिनों लगी हुई है कल 20 जनवरी को इस क्षेत्र में मतदान होने वाले हैं और कल ही चुनाव के नतीजे भी घोषित होंगे अब यह देखने वाली बात होगी कि वर्षों से भाजपा के गढ़ रहे बिहारपुर को कांग्रेस ढहाने में कामयाब हो पाती है या नही ।

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