निलंबित एडीजी जीपी सिंह ने रायपुर के वीआईपी रोड के ऑलीशान होटल और बड़ी कॉलोनी में किया करोड़ो का निवेश

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निलंबित एडीजी जीपी सिंह द्वारा रायपुर के वीआईपी रोड के एक ऑलीशान होटल और पुराना धमतरी रोड स्थित एक बड़ी कॉलोनी में करोड़ों रुपए का निवेश करने की जानकारी मिली है। कहा जा रहा है कि यह रकम अवैध तरीके से अर्जित की गई थी।

वहीं 25 कई बैंकों में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीपी सिंह के एसपी बनने के बाद वर्ष 2002 के बाद से उनकी आय 1 करोड़ 88 लाख रुपए थी। जबकि तलाशी के दौरान दस्तावेजों की जांच करने पर 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति मिली है।

निलंबित जीपी सिंह की कुल वेतन से मिली आय से करीब 15 गुना से अधिक है। इन सभी का हिसाब पूछताछ के दौरान दूसरे दिन शुक्रवार को जीपी से मांगा गया। लेकिन, उन्होंने इन सभी से किसी भी तरह का लेनदेन नहीं होने की बात कही। साथ ही कहा कि जिन चल-अचल संपत्तियों को उनकी बताकर फंसाया जा रहा है वह किसकी है नहीं मालूम। पिता और रिश्तेदारों के साथ ही पैतृक संपत्तियों का वर्तमान कीमत से कई गुना ज्यादा मूल्यांकन कर उनकी बताया जा रहा है। जबकि वह इन सभी के संबंध में कुछ जानते ही नहीं है।

बताया जा रहा है कि बैंक में संयुक्त हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) का खाता खुलवाया गया है। नियमानुसार इसके संचालन के सारे अधिकार परिवार के मुखिया को मिलने चाहिए थे। लेकिन, जीपी सिंह एचयूएफ खाते के प्रमुख है। बताया जाता है कि इंकम टैक्स बचाने के लिए इसे खोला गया था। साथ ही माता-पिता और भाइयों के नाम से जीपी खुद करोड़ रुपए जमा कराते थे।

वही दूसरी तरह एचयूएफ खाता के जरिए टैक्स चोरी की जा रही थी। बता दें कि एचयूएफ के नाम एक बैंक खाता खुलवाना होता है। इसके लिए एक डीड लगानी होती है, जिसमें उल्लेख करना होता है कि कौन क्या-क्या होगा। यह खाता परिवार के मुखिया (कर्ता) के नाम होता है, लेकिन उसके नाम के बाद एचयूएफ शब्द जुड़ा होता है। उसके पास सारे अधिकार होते है।

एसीबी तथा ईओडब्ल्यू चीफ शेख आरिफ हुसैन ने मीडिया को बताया है कि जीपी सिंह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे है। जबकि कोर्ट को गुमराह करने के लिए जांच में सहयोग करने और हर सवाल का जवाब देने की बात कहते है। अगर पूछताछ में सहयोग करते तो उन्हें अतिरिक्त चार दिन की पीआर लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती। अतिरिक्त रिमांड अवधि मिलने पर सारे अनसुलझे हुए सवालों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।

गौरतलब है कि जीपी सिंह के जानने वाले लोगों के घरों से बरामद 2 किलो सोना और करीब 2 करोड़ रुपए नगद मिले थे। पूछताछ में उनके करीबी लोगों ने छापेमारी के एक दिन पहले ही जीपी द्वारा रखवाने की जानकारी ईओडब्ल्यू को बताई थी। लेकिन, जीपी इसे अपना कहने से इंकार कर रहे है। पूछताछ के दौरान इसके संबंध में भी अनभिज्ञता जता रहे हैं।

बता दें कि आय से अधिक संपत्त और अवैध उगाही के मामलों में फंसे निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के ताजा बयान से छत्तीसगढ़ का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जीपी सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पॉलिटिकल विक्टिमाइजेशन बताया था। उसके बाद भाजपा जीपी सिंह के समर्थन में खड़ी हो गई है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है, खुद को बचाने के लिए जीपी सिंह अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं यह ठीक नहीं है।

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