CHHATTISGARH : 80 people detained in Hidma village…
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में उस वक्त हलचल मच गई, जब तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से पहुंचे करीब 80 लोग मारे गए नक्सली कमांडर हिड़मा के श्मशान स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में सख्त निर्देश देकर छोड़ दिया।
पूवर्ती गांव को कभी खूंखार नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा का गढ़ माना जाता था। एक करोड़ के इनामी हिड़मा 18 नवंबर 2025 को मुठभेड़ में मारा गया था। बताया जा रहा है कि बाहरी राज्यों से पहुंचे लोग आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार श्मशान घाट पर क्रियाकर्म कर उसका महिमामंडन करने लगे। बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की मौजूदगी देख ग्रामीणों ने विरोध जताया और पुलिस को सूचना दी।
भूमकाल दिवस के बाद बढ़ी सतर्कता
तीन दिन पहले जगदलपुर में भूमकाल स्मृति दिवस पर निकली रैली में हिड़मा से जुड़ा गीत बजने का वीडियो वायरल हुआ था। डीजे पर गीत बजते ही लोग नाचते दिखे थे, जिस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई थी। समाज के प्रतिनिधियों ने भी प्रेस वार्ता कर जांच की मांग की थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं।
देर रात पूछताछ, सुबह रिहाई
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए सभी लोग दूसरे राज्यों के हैं। देर रात तक उनसे पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के नाम पर माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने की समयसीमा तय की है। सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों में बड़े नक्सली लीडर मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। ऐसे में बस्तर के शांत होते माहौल के बीच इस तरह की गतिविधियों ने प्रशासन की सतर्कता और बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

