RBI GOLD PURCHASE: RBI increased gold reserves in unstable environment, bought 2.8 tonnes of gold in January
नई दिल्ली। देश में आर्थिक अस्थिरता और रुपये में कमजोरी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जनवरी 2025 में 2.8 टन सोना खरीदा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष आरबीआई द्वारा खरीदे गए 72.6 टन सोने को जोड़ दें तो अब केंद्रीय बैंक के कुल स्वर्ण भंडार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो चुकी है।
सोने की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 के अंत तक देश का कुल स्वर्ण भंडार बढ़कर 879 टन हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल 2 फरवरी 2024 को देश का स्वर्ण भंडार 812.33 टन था। खास बात यह है कि यह लगातार सातवां वर्ष है जब रिजर्व बैंक ने स्वर्ण भंडार में वृद्धि की है।
सोने की बढ़ती हिस्सेदारी को लेकर एक अहम तथ्य यह है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में अब सोने की हिस्सेदारी 11.3 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले 7.7 प्रतिशत थी।
तीन प्रमुख वजहें जिनसे आरबीआई बढ़ा रहा स्वर्ण भंडार
मुद्रास्फीति से बचाव : वैश्विक मुद्रास्फीति का असर सभी देशों पर पड़ता है, जिससे मुद्रा का मूल्य घटता है। ऐसे में सोना एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में उभरता है।
जोखिम रहित निवेश : वैश्विक संकट के दौरान सोने की कीमतों में उछाल आता है, जिससे यह केंद्रीय बैंकों के लिए आकर्षक विकल्प बन जाता है।
डॉलर पर निर्भरता कम करना : अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के समय सोने का मूल्य बढ़ता है, जिससे आरबीआई को इसे भंडारण में रखने का फायदा मिलता है।
जनवरी से अब तक कितना महंगा हुआ सोना?
नए साल की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। 1 जनवरी 2025 से 24 फरवरी 2025 के बीच:
24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर 76,162 रुपये से बढ़कर 86,356 रुपये हो गई है। यानी 10,194 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी की कीमत 1 किलोग्राम पर 86,017 रुपये से बढ़कर 96,244 रुपये हो गई है। यानी 10,227 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक स्तर पर सोने की खरीदारी जारी
भारत ही नहीं, बल्कि चीन समेत कई अन्य देश भी सोने के भंडार में वृद्धि कर रहे हैं। चीन ने जनवरी 2025 में लगातार तीसरे महीने सोने की खरीदारी की। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उछाल का यह एक प्रमुख कारण है।
रिजर्व बैंक की इस स्वर्ण खरीद नीति से भारत की विदेशी मुद्रा संपत्ति में स्थिरता आने की संभावना है। साथ ही, सोने में लगातार हो रही बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह निवेश का एक सुरक्षित माध्यम बना रहेगा।

