कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे पीएम मोदी, सीएम चौहान और गृहमंत्री मिश्रा ने किया स्वागत

कूनो । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में कई तरह के खास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आठ चीतों को छोड़ेंगे। नामीबिया से आठ चीतों को लेकर विशेष मालवाहक विमान से ग्वालियर लाया गया। इसके बाद इन्हें चिनूक हेलीकॉप्टर से कीनो राष्ट्रीय उद्यान ले जाया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन आठ चीतों में पांच मादा और तीन नर हैं। नामीबिया से ‘प्रोजेक्ट चीता’ के हिस्से के रूप में इन्हें भारत लाया गया है।
पीएम मोदी के कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मित्रा ने उनका जोरदार स्वागत किया। पीएम मोदी अब से कुछ ही देर में नामीबिया से आए आठ चीतों को राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंच गए हैं। अब से कुछ ही देर में नामीबिया से आए 8 चीतों को इस राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ राज्यपाल मंगू भाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई शीर्ष नेता और अधिकारी मौजूद हैं।
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चिनूक हेलीकॉप्टर से आठ चीतों को उतारा गया है। पीएम मोदी कुछ ही देर में इन चीतों को राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेगें।
चीतों के मध्य प्रदेश आने पर सीएम ने जताई खुशी
इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने पीएम मोदी को जन्मदिन पर बधाई दी। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के लिए यह एक बड़ी सौगात है। इससे बड़ी सौगात हो नहीं मिल सकती कि चीते नामीबिया से भारत और भारत में भी मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क आ रहे हैं।
यह खास परियोजना का है हिस्सा
केएनपी में प्रधानमंत्री द्वारा जंगली चीतों की रिहाई भारत के वन्य जीवन और इसके आवास को पुनर्जीवित करने और विविधता लाने के उनके प्रयासों का हिस्सा है। भारत में सबसे तेज भूमि पशु की शुरूआत प्रोजेक्ट चीता के तहत की जा रही है। यह दुनिया की पहली अंतर-महाद्वीपीय जंगली मांसाहारी ट्रांसलोकेशन परियोजना
बता दें कि 1952 में भारत में चीता को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। आज जिन चीतों को छोड़ा जाएगा, वे नामीबिया के हैं और उन्हें इस साल की शुरुआत में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन के तहत लाया गया है।