रोजगार मेले में कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी, कहा – ‘ये बिना खर्ची, बिना पर्ची के नौकरी का नया कल्चर’,

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नई दिल्ली। धनतेरस के पावन पर्व पर सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र पाने वाले देशभर के 51000 युवाओं को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराने का भी प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। रोजगार मेले को वर्चुअल संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा व राजग शासित राज्यों में पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का संदेश देने के साथ-साथ प्रतिद्वंद्वी दलों और उनकी सरकारों पर भी कटाक्ष किया। पीएम ने हरियाणा में हाल ही में नई सरकार द्वारा दी गई नियुक्तियों का भी उल्लेख करते कहा कि बिना खर्ची, बिना पर्ची ये नौकरी का जो नया कल्चर है न, हमें भी ये कर्ज चुकाना है नागरिकों की सेवा करके, उनके जीवन की मुसीबतें कम करके।

बीजेपी ने उठाया था पर्ची-खर्ची का मुद्दा

ध्यान रहे कि हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस पर रिश्वत लेकर नौकरी देने का आरोप लगाते हुए पर्ची-खर्ची के मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। देशभर में 40 स्थानों पर मंगलवार को आयोजित रोजगार मेले का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को भारत सरकार में स्थायी सरकारी नौकरी देने का सिलसिला लगातार जारी है। भाजपा और राजग शासित राज्यों में भी लाखों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। अभी-अभी हरियाणा में तो नई सरकार बनते ही 26 हजार युवाओं को नौकरी का उपहार मिला है। जो हरियाणा से परिचित होंगे, उनको पता है कि इन दिनों हरियाणा में एक उत्सव का माहौल है। नौजवान प्रसन्न हैं। वहां हमारी सरकार की विशेष पहचान विशेष पहचान है कि वो नौकरी देती तो है, लेकिन बिना खर्ची, बिना पर्ची।

देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, ये हमारा कमिटमेंट है। सरकार की नीतियां और निर्णयों का भी रोजगार सृजन पर सीधा प्रभाव होता है। अपनी सरकार की कई योजनाओं और प्रयासों से रोजगार सृजन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की ये तरक्की देख कर देश का युवा ये भी पूछता है कि जो गति आज है, जो विस्तार आज है, वो गति पहले क्यों नहीं पकड़ी? इसका जवाब है- पहले की सरकारों में नीति और नीयत, दोनों का अभाव था। पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पहले ऐसे कितने ही सेक्टर थे, जिनमें भारत लगातार पिछड़ता जा रहा था। खासकर टेक्नोलाजी के क्षेत्र में।

नई टेक्नोलॉजी का इंतजार करना पड़ता था

दुनिया में नई-नई टेक्नोलाजी आती थीं, लेकिन भारत में हम उनका इंतजार करते रहते थे। जो टेक्नोलाजी पश्चिमी देशों में आउटडेटेड हो जाती थी, निकम्मी हो जाती थी, तब जाकर वह हमारे यहां पहुंचती थी। इससे भारत न केवल आधुनिक विकास की दौड़ में पिछड़ता चला गया, बल्कि रोजगार के सबसे महत्वपूर्ण संसाधन भी हमसे दूर होते चले गए। हमने पुरानी सरकारों की उस पुरानी सोच से देश को आजाद कराने के लिए काम शुरू किया है। नियुक्ति पत्र पाने वालों को पीएम ने जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए समझाया कि आपको सरकारी नौकरी मिलने में देश के करदाताओं और नागरिकों का अहम योगदान है। हम जो कुछ भी हैं, देश के नागरिकों के कारण हैं। नागरिकों की सेवा के लिए ही हमें ये नियुक्ति मिली है। हमारे देश में सरकारी कर्मचारी ऐसे होने चाहिए, जिनकी उदाहरण के रूप में दुनियाभर में चर्चा होनी चाहिए।

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