PM ‘Mann Ki Baat’: CM Sai listened to the broadcast alongside surrendered Naxalites!
PM MANN KI BAAT: लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यहां आत्मसमर्पित नक्सलियों, आदिवासी समाज के लोगों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनी।
मुख्यमंत्री, आत्मसमर्पित नक्सलियों, आदिवासी समुदाय और स्कूली बच्चों का एक साथ बैठना क्षेत्र में बदलते सामाजिक माहौल और पुनर्वास की प्रक्रिया की तस्वीर पेश करता नजर आया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सामूहिक रूप से सुना। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों और स्थानीय नवाचारों का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की ‘हर घर मुनगा’ और ‘घर-घर मुनगा’ जैसी पहल की सराहना करते हुए इसके पोषण संबंधी लाभों और जनस्वास्थ्य में उपयोगिता पर चर्चा की।नए स्थान तलाशें
प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया। प्रतापगढ़ में समूह की महिलाओं द्वारा आंवला प्रसंस्करण जैसे स्थानीय संसाधनों पर आधारित कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऐसे प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री के संबोधन में स्वच्छता, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषय भी प्रमुख रहे। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ संकल्प लेने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सर्जिकल स्ट्राइक की स्मृतियों, जनगणना और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सहित विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री के विचार भी लोगों ने सुने।
अंतागढ़ क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज, प्रशासन और मुख्यधारा से जुड़ चुके लोगों के बीच संवाद और सहभागिता का अवसर भी बना।
कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, कांकेर कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
