तिरछी नजर : पुरानी यादें ताजा हो गई…

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तेरह साल पुराने मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में घोटाला केस में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी तो बच गए, लेकिन उस समय के स्वास्थ्य सचिव बीएल अग्रवाल, तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रमोद सिंह, और दवा सप्लायरों समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया है। ऐसा नहीं है कि घोटालेबाजों ने अपने को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। चर्चा है कि उन्होंने राज्य पुलिस के एक बड़े अफसर के मार्फत केस को मैनेज करने की भरपूर कोशिश की। इसमें कांग्रेस के एक बड़े नेता ने भी मध्यस्थता की थी।
चर्चा यह भी है कि अफसर के बैचमेट सीबीआई में केस को हैंडल कर रहे थे। सप्लायरों ने मैनेज करने के लिए जांच शुरू होने से पहले इकट्ठा कर 40 पेटी दे भी दिए थे। मगर कुछ दिनों बाद जांच शुरू हो गई और केस भी दर्ज हो गए। सप्लायरों ने रकम वापस मांगी, तो काफी दिनों बाद दस पेटी काटकर बाकी वापस मिल पाए। एक संयोग यह भी बना है कि नेताजी भी एक दूसरे केस में उलझ गए हैं और सप्लायर तो फंसे हुए ही थे। दोनों एक ही वकील से कानूनी सलाह ले रहे हैं। अब जब सब चेंबर में मिले तो पुरानी यादें ताजा हो गई।
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छत्तीसगढ़ पर मोदी की राय
दिल्ली में पिछले दिनों पीएम ने कुछ चुनिंदा पत्रकारों से अनौपचारिक मुलाकात की। चर्चा के दौरान पीएम ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर राय जाननी चाही। एक पत्रकार ने उनसे कहा कि 2024 आसान नहीं रहेगा। क्योंकि कर्नाटक में भाजपा की संभावना अच्छी नहीं है। इस पर पीएम ने कहा कि गनीमत है कि आपके दिमाग में सिर्फ कर्नाटक है। वरना हमारी हालत छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी कोई अच्छी नहीं है। पर राज्यों के चुनावों को लोकसभा चुनाव का पैमाना नहीं मान सकते। पीएम ने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव बुरी तरह हार गए थे, लेकिन लोकसभा में हमे शानदार सफलता मिली। चर्चा का लब्बो-लुआब यह है कि भाजपा हाईकमान को विधानसभा चुनाव में कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
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अफसर की ग्रह दशा
प्रदेश के एक बड़े अफसर के राईस मिल में बड़ा हादसा हुआ है। मिल में काम कर रहे एक मजदूर की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। यह घटना दिसंबर माह की है। अफसर के दबाव में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। घायलों को अफसर की तरफ से काफी कुछ दिया गया। मृतक के परिवार को संतुष्ट करने की भरपूर कोशिश की गई है। इसके बाद भी मामला दबता नहीं दिख रहा है। क्योंकि अफसर के खिलाफ जांच चल रही है और देर-सबेर सारे मामले एक साथ सामने आ सकते हैं। फिलहाल तो अफसर की ग्रह दशा ठीक चलती नहीं दिख रही है। इसके लिए वो होम-हवन भी करा रहे हैं। अब आगे क्या होता है यह तो कुछ समय बाद ही पता चल पाएगा।
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धान पर मंथन….

आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के लिए चल रही मंथन में भाजपा ने धान खरीदी के मुद्दे को जोड़ लिया है। कांग्रेस सरकार की नाकामियों को लेकर आम जनता के बीच जा रहे भाजपा नेताओं को गत विधानसभा चुनाव में मिली बुरी हार के बाद हर बैठक में धान खरीदी का डर छाया हुआ है। भाजपा के हार के कई बड़े कारण हैं पर अपनी चमड़ी बचाने प्रदेश के नेताओं ने धान खरीदी को ही बड़ा मुद्दा बनाकर केन्द्रीय हाई कमान के सामने रख दिया है। ताजा संकेत यही है कि धान खरीदी के विकल्पों पर चुनाव से पहले मंथन शुरू हो गया है।

ईडी के खिलाफ शिकायत का पुलिंदा..
प्रदेश में चल रही ईडी की कार्यवाही ठंडी पड़ी दिख रही है पर ऐसा नहीं है। निशाने में आये लोगों से पूछताछ जारी है। ईडी की पूछताछ में बुलाए गये उद्योगपति, व्यापारी और अफसरों ने पूछताछ के दौरान बरती गयी कथित कड़े रुख को लेकर राज्य सरकार को शिकायत की है। ईडी के खिलाफ शिकायत करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गयी है। बताया जाता है कि भारी संख्या में की गयी शिकायत की फाइल मोटी हो गयी है। एक अफसर को जमीन बेचने वाला व्यक्ति कोर्ट भी चला गया है।



हेलमेट पर थोक में नोटिस…
केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गये मोटर अधिनियम के पालन को लेकर राज्य में खूब हंगामा मचा। इस हंगामे के बाद हेलमेट की अनिवार्यता को शिथिल करने की घोषणा की गयी थी । इस घोषणा के बाद फिर से सुगबुगाहट शुरु हो गयी है। यातायात विभाग ने 35 हजार लोगों को खुफिया कैमरे के जरिये प्रमाण सहित नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें ज्यादातर लोग शहर के भीतर घुमने वाले हैं। रिंग रोड़ पर अमूमन हर दिन बड़ी सड़क दुर्घटना में कई व्यक्ति मारे जा रहे हैं लेकिन रिंग रोड़ पर कार्रवाही सिफर है।

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