Naxal Countdown: Naxal organization suffers major setback in Chhattisgarh, suddenly surrenders arms
महासमुंद :छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद (BBM) से जुड़े 15 नक्सलियों ने शनिवार रात आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
सभी नक्सली महासमुंद जिले के बलोदा थाने पहुंचे और पुलिस के समक्ष अपने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वालों को फिलहाल महासमुंद के रक्षित केंद्र में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
ओडिशा कमेटी सदस्य भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में ओडिशा कमेटी के सदस्य सुदर्शन का नाम भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, नक्सलियों ने 14 ऑटोमैटिक और देशी हथियार जमा किए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं।
सरकार का लक्ष्य: 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़
नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और समाज में पुनर्स्थापना के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चल रहे अभियानों और पुनर्वास नीति के प्रभाव से नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में सदस्य मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला ले रहे हैं।

