माइग्रेन का दर्द और बाकी परेशानियां हो जाएंगी छूं मंतर केवल इन 3 घरेलू नुस्खों को आजमाएं

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  • कुछ आयुर्वेदिक तरीकों से माइग्रेन को मैनेज किया जा सकता है. किचन में मौजूद कुछ आयुर्वेदिक माइग्रेन हीलर आपकी मदद कर सकते हैं.

माइग्रेन के सिरदर्द से पीड़ित कोई भी व्यक्ति जानता है कि यह कितना दर्दनाक होता है. माइग्रेन एक तेज सिरदर्द है जो अक्सर मतली (Nausea), उल्टी और लाइट सेंसिटिवी के साथ होता है. कुछ लोगों के लिए यह घंटों या कई दिनों तक भी चल सकता है. माइग्रेन (Migraine) को एक सुस्त दर्द के रूप में महसूस किया जा सकता है जो धड़कते हुए दर्द में बदल जाता है. शोध से पता चलता है कि यह शारीरिक गतिविधि के दौरान खराब हो सकता है और यह दर्द आपके सिर के एक तरफ से दूसरी तरफ, आपके सिर के सामने, या आपके पूरे सिर में दर्द शुरू हो सकता है.

ऐसा कहा जाता है कि 80 प्रतिशत लोगों को सिरदर्द (Headache) के साथ-साथ मतली का अनुभव होता है. आप काम करने में असमर्थ महसूस कर सकते हैं. ऐसे में घर पर माइग्रेन के दर्द (Migraine Pain) को मैनेज करने का सबसे आसान तरीका क्या हो सकता है? कुछ आयुर्वेदिक तरीकों से माइग्रेन को मैनेज किया जा सकता है. किचन में मौजूद कुछ आयुर्वेदिक माइग्रेन हीलर आपकी मदद कर सकते हैं.

माइग्रेन से राहत पाने के कारगर तरीके 

1) भिगोए हुए किशमिश
माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए एक मुट्ठी किशमिश को रात भर भिगोएं. हर हफ्ते तक लगातार सेवन किया जाए तो किशमिश शरीर में बढ़े हुए वात के साथ अतिरिक्त पित्त को कम करने में मदद कर सकती है. यह माइग्रेन से जुड़े लक्षणों जैसे एसिडिटी, मतली, जलन, एकतरफा सिरदर्द, गर्मी के प्रति सेंसिटिविटी आदि को भी कंट्रोल कर सकता है.

2) जीरे-इलायची की चाय पिएं
जब भी माइग्रेन के लक्षण सामने आते हैं तो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चाय प्रभावी होती है. दोपहर के भोजन या रात के खाने के एक घंटे बाद इस चाय को पीने की कोशिश करें. यह मतली और तनाव से राहत के लिए सबसे अच्छा काम करता है.

3) गाय के घी का सेवन करें
शरीर और दिमाग में अतिरिक्त पित्त को संतुलित करने के लिए गाय के घी से बेहतर कुछ भी नहीं है. भोजन में घी को कई तरीकों से एड कर सकते हैं.

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