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ममता बनर्जी ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को किया बर्खास्त

कोलकाता। 23 जुलाई को अर्पिता मुखर्जी के टॉलीगंज के डायमंड सिटी फ्लैट और 28 जुलाई को उत्तर 24 परगना के बेलघरिया फ्लैट पर ED ने छापेमारी की। पहले दिन 26 घंटे की रेड में 21 करोड़ कैश और दूसरे दिन 18 घंटे की रेड में करीब 28 करोड़ कैश ED ने बरामद किया था।पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है। पार्थ की गिरफ्तारी के 5 दिन बाद ममता ने ये एक्शन लिया है। दरअसल, बुधवार से गुरुवार तक चली 18 घंटे की रेड में ED ने पार्थ की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर से 27.9 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो गोल्ड जब्त किया।

कैश के बारे में ED के सवाल पर अर्पिता ने बताया कि ये सारे रुपए पार्थ चटर्जी के हैं। उन्होंने कहा, ‘पार्थ इस घर का इस्तेमाल रुपए रखने के लिए करते थे। मुझे अंदाजा नहीं था कि घर में इतना सारा कैश रखा होगा।’ इससे पहले पिछले शनिवार को हुई छापेमारी में अर्पिता के घर से 21 करोड़ रुपए कैश और 1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी मिली थी।

ममता ने बताया बड़ी साजिश

अर्पिता के घर करोड़ों रुपए के कैश-ज्वेलरी मिलने के बाद TMC में ही पार्थ चटर्जी को हटाने की मांग होने लगी थी। गुरुवार को ममता बनर्जी ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त भी कर दिया। पार्थ पर कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने कहा- पूरा मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। सिर्फ एक लड़की के घर से रुपए बरामद हुए हैं। पार्थ को इसलिए हटाया क्योंकि TMC भ्रष्टाचार के मामले में बेहद सख्त सख्त पार्टी है। इसे बदला नहीं जा सकता। यह एक बड़ा गेम है, जिसके बारे में अभी ज्यादा बात नहीं कर सकती।

ममता सरकार में नंबर-2 की हैसियत रखते थे पार्थ

ममता सरकार में पार्थ चटर्जी सबसे सीनियर मंत्री थे। वो दक्षिण 24 परगना के बेहला पश्चिम सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। पार्थ चटर्जी 2011 से लगातार मंत्री थे। वे 2006 से 2011 तक बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। पार्थ के पास वर्तमान में उद्योग, वाणिज्य और संसदीय कार्य जैसे बड़े मंत्रालयों का प्रभार था। अभिषेक बनर्जी ने आज शाम अनुशासन समिति की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि पार्थ से पार्टी महासचिव का पद भी छीना जा सकता है।

TMC प्रवक्ता ने कहा था- जांच पूरी होने तक सभी पदों से हटाए जाएं पार्थ

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने मांग की थी कि पार्थ चटर्जी को जांच पूरी होने तक सभी पदों से हटाया जाए। घोष ने कहा कि अगर ममता दीदी को मेरा बयान गलत लग रहा है, तो मुझे भी हटा दें। घोष तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं।

हालांकि,बुधवार को टीटागढ़ में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने कहा था कि मीडिया कंगारू अदालत की भूमिका निभा रहा है। हम मीडिया ट्रायल के खिलाफ हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि आप निश्चिंत रहें, ‌BJP 2024 में सत्ता में नहीं आएगी। ये महाराष्ट्र नहीं है।

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