CG BJP CARD CONTROVERSY : BJP card controversy, factionalism exposed in Korba
कोरबा, 2 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों आज कोरबा में अत्याधुनिक जिला भाजपा कार्यालय अटल स्मृति भवन की आधारशिला रखी जानी है। यह मौका संगठन की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का होना चाहिए था, लेकिन भूमिपूजन से पहले ही भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी और शिष्टाचार को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है।
जिला भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए जारी निमंत्रण पत्र ने सबसे पहले सवाल खड़े किए। कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी का नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल किया गया, जबकि जिले के वरिष्ठ आदिवासी नेता और संगठन के पुराने स्तंभ ननकीराम कंवर का नाम पूरी तरह गायब रहा।
निमंत्रण पत्र बांटे जाने के बाद जब संगठन के भीतर आपत्तियां उठीं, तो आयोजन से ठीक एक दिन पहले दूसरा कार्ड छपवाया गया। लेकिन संशोधित कार्ड ने विवाद सुलझाने के बजाय और बढ़ा दिया। नए कार्ड में जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी को विशिष्ट अतिथि की सूची से हटाया गया, वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय का नाम जोड़ा गया। इसके साथ ही पहले कार्ड में शामिल महापौर संजू देवी राजपूत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नाम अचानक हटा दिए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों ही निमंत्रण पत्रों में वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को नजरअंदाज किया गया। इसे लेकर पार्टी के भीतर यह सवाल गहराने लगा है कि क्या अब संगठन में वरिष्ठता, समर्पण और वैचारिक निष्ठा का कोई महत्व नहीं रह गया है।
इसी बीच तुलना सरगुजा जिले से की जा रही है, जहां आज ही मुख्यमंत्री साय भाजपा जिला कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरगुजा का निमंत्रण पत्र संतुलित और परिपक्व राजनीतिक सोच का उदाहरण माना जा रहा है, जहां सभी वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को सम्मानजनक स्थान दिया गया है।
एक ही दिन, एक ही मुख्यमंत्री और एक ही पार्टी लेकिन दो जिलों में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आने से संगठनात्मक मर्यादा और आंतरिक संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनने जा रहा स्मृति भवन यदि वास्तव में उनके विचारों का प्रतीक होना है, तो पार्टी को पहले अपने भीतर सम्मान, संवाद और संतुलन की नींव मजबूत करनी होगी।

