KHABAR CHALISA SUNDAY SPECIAL तिरछी नजर : पुलिस कमिश्नरी के खिलाफ मंत्रियों का मोर्चा

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KHABAR CHALISA SUNDAY SPECIAL Sideways Look: Ministers’ front against Police Commissionerate

राजधानी रायपुर में 23 तारीख से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने जा रही है। कमिश्नर को वैसा कोई अधिकारी नहीं होगा जो ओड़िशा, महाराष्ट्र या फिर गुजरात के पुलिस कमिश्नर को है। यहां भी मजबूत पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने पर जोर दिया गया था लेकिन विरोध के बाद प्रस्ताव वापस ले लिया गया। बताते हैं कि एडीजी प्रदीप गुप्ता की अगुवाई में अन्य राज्यों की पुलिस कमिश्नर प्रणाली का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी।
रिपोर्ट पर चर्चा हुई और फिर कैबिनेट की बैठक में रखा गया। पुलिस कमिश्नर को आबकारी दुकान बंद करने सहित कई अधिकार प्रस्तावित थे। मगर सरकार के तीन ताकतवर मंत्री प्रस्ताव के खिलाफ खुलकर सामने आ गए। तीनों मंत्रियों ने अधिकारों को अपने विभाग में हस्तक्षेप बताया। मंत्रियों के विरोध के बाद कुछ सीनियर आईएएस अफसर ने भी असहमति जताई। अंतत: सारी अनुशंसाएं धरी की धरी रह गई और सिर्फ लागू करने की तिथि घोषित करने पर सहमति बनी।

फील्ड अफसरों की रुचि नहीं

पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर यह साफ हो गया है कि यह प्रणाली मजबूत नहीं रहेगी। पहले इसको लेकर काफी हल्ला मचा था। अब आईपीएस के रेंज में पदस्थ आईजी भी पोस्टिंग को लेकर कोई खास उत्सुक नहीं है। नई प्रणाली के कारण चुनौतियां भी काफी रहेंगी।
अभी वर्तमान में हरेक आईजी रेंज में कई जिलें है। कमिश्नरी में रायपुर और नवा रायपुर ही रहेगा। ऐसे में पीएचक्यू में पोस्टेड अफसर ही इसमें रूचि दिखा रहें है। ये वो अफसर हैं जो सालों से फील्ड से बाहर हैं। सरकार क्या सोचती है यह आने वाले समय में पता चलेगा।

हरी राम नाई कौन..

पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सीएम अरुण साव पर टिप्पणी को लेकर साहू समाज में नाराजगी देखने को मिली। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुआ। बाद में साहू समाज के पदाधिकारियों ने विरोध से पल्ला झाड़ लिया।

बताते हैं कि साहू समाज का विरोध प्रायोजित था। इसमें भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस के एक ताकतवर नेता शामिल थे। साहू समाज के मुख्यालय से सभी जिलों को चिट्ठी भेजी गयी तो उसकी एक कापी पूर्व सीएम तक पहुंच गयी।
चर्चा है कि पूर्व सीएम ने एक नेता से विरोध प्रदर्शन के लिए साहू समाज को उकसाने वाले के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि भाजपा नहीं बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के लोग शामिल थे इसमें एक ताकतवर नेता की प्रमुख भूमिका रही है। इससे पूर्व सीएम काफी खफा हैं।अब कहा जा रहा है कि देर सबेर पूर्व सीएम अपनी पार्टी के ताकतवर साहू नेता को निशाना बना सकते हैं। अब आगे क्या होता है यह देखना है।

मंत्री और संगठन में ठनी..

भाजपा में सरकार के एक मंत्री की अपने ही जिले के संगठन नेताओं से पटरी नहीं बैठ रही है। स्थानीय प्रशासन भी मंत्रीजी के बजाए संगठन की सुन रहा है।
पिछले दिनों राशन दुकानों के आबंटन से जुड़ा विषय था। मंत्री जी ने एक सूची अपनी तरफ से जिला प्रशासन को भेजी। जिला संगठन ने भी एक सूची प्रशासन को भेजी। दिलचस्प बात यह है कि प्रशासन ने संगठन की सूची को मान्य किया और मंत्री की सिफारिशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। इस घटनाक्रम से मंत्री जी हलाकान है। वो शिकायतें भी नहीं कर पा रहे हैं।

बिलासपुर में गुटबाजी से प्रशासन हलाकान..

बिलासपुर भाजपा में गुटबाजी इतना ज्यादा है कि प्रशासन हलाकान है। पहले सीएम के कार्यक्रम में अमर अग्रवाल को कुर्सी नहीं मिलने पर विवाद हुआ था। इसी तरह एक कार्यक्रम में धर्मजीत सिंह का नाम नहीं था। इस तरह की घटनाएं एक बाद एक हो रही है।

बताते हैं कि जिले के नेताओं के समर्थक आपस में लड़ बैठ रहे हैं और प्रशासन पर अपने अपने स्तर पर दबाव बनाने में सफल हो जा रहे हैं। इन वजहों से जिले से बड़े नेताओं के बीच जंग शुरू हो गयी है। बिलासपुर का हाल यह है कि शासन से काम हो नहीं पा रहे हैं। विकास के मद में सीमित राशि मिल पा रही है। कुल मिलाकर विकास काम ठप्प हैं। इन सब वजहों से तना-तानी और बढ़ गयी है।

पीए से हलाकान मंत्री

सरकार के एक मंत्री के पीए ने ऐसा उधम मचाया है कि मंत्रीजी के लिए मुश्किलें पैदा हो गई है।
बताते हैं कि पीए की नियुक्ति संघ की सिफारिश पर मंत्रीजी की स्थापना में हुई थी। उन्होंने एक दिन में मंत्रीजी 4 सौ मैसेज भेज दिए। अब पीए के जिला पंचायत के पदाधिकारी से मारपीट का मामला दर्ज हो गया है।
पुलिस ने पीए के खिलाफ बकायदा एफआईआर दर्ज किया है। पंचायत पदाधिकारियों का पीए को गिरफ्तार करने के लिए काफी दबाव है। पीए भी गायब हो चुके हैं। मंत्री इससे काफी परेशान बताए जाते हैं।

मंत्री स्थापना में फेरबदल का दौर जारी ..

साय मंत्रिमंडल के मंत्रियों के पीए (विशेष सहायक) के खिलाफ ुिशकवा शिकायत का दौर खत्म नहीं हुआ है। शिकायतों के चलते आधा दर्जन से ज्यादा पीए हट चुके हैं कुछ और को हटाने की तैयारी है। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के आठवीं पास पीए का मामला सुर्खियों में है। इसी बीच एक और कर्मचारियों को पीए बनाने का आदेश जारी हो गया। केदार कश्यप के यहां पदस्थ रहे सचिव श्रीवास्तव को राजेश अग्रवाल का पीए बनाने का आदेश जारी हो गया है।

दुर्ग बनेगा हिन्दुत्व का प्रयोगशाला

भाजपा व संघ प्रदेश भर में हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने जोर-शोर से तैयारी में जुटी है। पिछले दिनों आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर हसौद के पास हिन्दू सम्मेलन में शामिल हुए थे। अब दुर्ग और आदिवासी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हिन्दू सम्मेलन करने की तैयारी के सिलसिले में दुर्ग जिले में देशभर के संघ के पदाधिकारी जुट रहे हैं। दुर्ग जिले में हिन्दुत्व को जगाने विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।

धान खरीदी में गड़बड़ी

किसानों के धान खरीदी में विलंब को लेकर जगह-जगह नाराजगी की खबर आ रही है। शासन की शक्ति के चलते कई जिलो पर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। धान बिकने में आ रही अड़चनों को दूर करने सीएम सचिवालय और मुख्य सचिव कार्यालय पूरी तरह निगाह रखी हुई है। लगातार जिलों से रिपोर्ट मांगकर दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। धान बेचने के बाद उठाव को लेकर भी बड़ी भ्रष्टाचार एक वर्ग कर रहा है। धान के सुखत के आड़ में भ्रष्टाचार कर रहा है। दूसरा वर्ग धान बिकने में विलंब के कारण दुखी है।
खबर हैरत अंगेज तरीके से निकल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान का सूखत, धान का दुखत की चर्चा ज्यादा है। चूहे की खाने की क्षमता जांच कराने से कई खुलासे हो सकते हैं।

 

 

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