गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दिगंबर जैन समाज ने जैन धर्मशाला में गुरुवार को सर्वधर्म और सर्व समाज विनयांजलि सभा का आयोजन किया। आचार्य विद्यासागर जी महाराज 17 फरवरी को रात 2:35 बजे महा समाधि में लीन हो गए, जिसके बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। विनयांजलि सभा में जिले की कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया, एडिशनल एसपी मनीषा ठाकुर रावटे और सर्व समाज ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हम सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें आचार्य श्री के रूप में साक्षात भगवान का दर्शन, सानिध्य और आशीर्वाद मिला।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के बारे में अपनी यादें साझा कीं और उनके दिव्य रूप के बारे में बताया। लोगों ने कहा कि जिस युग में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने जन्म लिया, उस युग में हम नहीं थे, लेकिन हम भाग्यशाली हैं कि जिस युग में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने जन्म लिया, उस युग में हमें उनके साक्षात दर्शन हुए। वक्ताओं ने कहा कि आचार्य श्री द्वारा विश्व कल्याण, राष्ट्र कल्याण और आत्म कल्याण के लिए प्रशस्त मार्ग से सभी को प्रेरणा मिलती रहेगी। विनयांजलि सभा में सभी धर्म प्रेमी और सर्व समाज मौजूद रहे। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य नरेन्द्र जैन, स्वामी परमात्मानंद, डॉ लखनेश शर्मा, इकबाल सिंह, अक्षय नामदेव, अशोक जैन, नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान, बृजलाल राठौर, धर्म प्रकाश सातूवाला, सीताराम महलवाला, वंदना धर्मेश जैन, नितेश जैन, प्रखर तिवारी, राजकुमार जैन, कृष्णदत्त उर्मलिया, विनीत जैन शामिल हुए। विनयांजलि सभा का संचालन और आभार प्रदर्शन दिगम्बर जैन समाज पेंड्रा के अध्यक्ष नीरज जैन ने किया।
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने 17 फरवरी को छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में अंतिम सांस ली थी। उन्होंने 3 दिन से उपवास धारण कर रखा था। महा समाधि में प्रवेश करने से पहले सिर्फ ‘ॐ’ शब्द कहा। सिर हल्का सा झुका और महा समाधि में लीन हो गए। ये बात 20 साल से आखिरी क्षण तक आचार्यश्री के साथ रहे बाल ब्रह्मचारी विनय भैया ने बताई। इससे पहले 6 फरवरी को उन्होंने मुनि योग सागर जी से चर्चा करने के बाद आचार्य पद का त्याग कर दिया था। उन्होंने मुनि समय सागर जी महाराज को आचार्य पद देने की घोषणा भी कर दी थी। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की अस्थियों का मंगलवार को संकलन करने के बाद कलश समाधि कक्ष में उनकी तस्वीर के सामने रखा गया है। इसी कक्ष में आचार्य श्री महा समाधि में लीन हुए थे। वहीं 25 फरवरी को पूरे देश में सामूहिक गुरु विनयांजलि का आह्वान किया गया है। प्रज्ञा गिरी तीर्थ क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में आचार्यश्री के शिष्यों के अलावा धर्मावलंबियों की संख्या बढ़ रही है। आने वाले आयोजनों की भी तैयारी की जा रही है। तीर्थक्षेत्र के अनुसार सभी जनप्रतिनिधि, जैन-जैनेतर गणमान्य नागरिकों सहित सर्वधर्म समाज उपस्थित रहेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्याह्न 1 बजे से अपने-अपने नगर के तय प्रमुख स्थल पर कार्यक्रम को भव्यता पूर्वक आयोजित करेंगे।
जैन समाज ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज को दी श्रद्धांजलि
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