INDORE WATER DEATHS : Death toll due to contaminated water reaches 15…
इंदौर, 2 जनवरी 2026। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है। गुरुवार, 1 जनवरी को 68 वर्षीय गीताबाई की मौत की पुष्टि हुई। अब तक कुल 201 लोग, जिनमें 16 बच्चे शामिल हैं, विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
जांच में पुष्टि –
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सभी मौतें दूषित पानी पीने से हुई हैं। CMHO डॉ. माधव हसानी ने भी यह बात साफ की। वहीं, कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि डिटेल्ड रिपोर्ट का इंतजार है, पानी का कल्चर टेस्ट भी जारी है।
पाइपलाइन लीकेज ने हालात बिगाड़े –
नगरिक प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माना कि भागीरथपुरा में पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े। पुलिस चौकी के पास लीकेज को इस पूरे मामले का मुख्य कारण माना जा रहा है। प्रभावित इलाके में पानी की आपूर्ति रोककर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
NHRC ने संज्ञान लिया –
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया –
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता उमा भारती ने सोशल मीडिया पर मोहन यादव सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि “साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी से मौतें प्रदेश और सरकार के लिए शर्मिंदगी हैं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हादसा अस्वीकार्य है।”
हाईकोर्ट में सुनवाई –
इंदौर दूषित पानी मामले में शुक्रवार, 2 जनवरी को जबलपुर हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ऑनलाइन सुनवाई कर सकती है। कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। शासन की तरफ से अब तक केवल चार मौतें ही रिपोर्ट में शामिल की गई हैं।
