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अच्छी खबर: अब पोर्टल से खुद बना सकेंगे आयुष्मान कार्ड, कोई भी डॉक्टर जानकारी को देख सकेंगे

नई दिल्ली: दोस्तों भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना को लेकर नया अपडेट जारी कर दिया गया है ! सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना कार्ड की सुविधा को जन-जन तक पहुचाने के लिए Ayushman Bharat Yojana New Portal लॉन्च कर दिया गया है ! इस सुविधा के शुरू हो जाने से इसका सीधा फायदा देश के सभी नागरिकों को होगा ! सूचीबद्ध सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना के तहत रजिस्टर्ड लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त ईलाज सरकार द्वारा मुहैया कराया जाता है !

आयुष्मान भारत के तहत अब आभा (आयुष्मान भारत हॉस्पिटल हेल्थ एकाउंट) बनाना है। अब जो भी लोग यह कार्ड बना रहे हैं, उन्हें नए फार्मेट के अनुसार कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले 16 डिजिट का नंबर हुआ करता था, अब 6 में पहुंच गया है। अब इस फार्मेट में आने में इसका उपयोग किसी भी प्रदेश में जाकर इलाज करा सकेंगे। डिजीटल पहचान-पत्र की तरह यह कार्ड होगा। इसमें आईडी में ही बीमारी से लेकर व्यक्ति के स्वास्थ्य की हर जानकारी रहेगी।

भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के नए पोर्टल को लाये जाने का उद्देश्य आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को आसान करना है ! जिससे की लोगों को अपना आयुष्मान भारत कार्ड बनाने में आसानी हो सके ! आपको बता दें कि भारत सरकार द्वारा गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त ईलाज प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान भारत कार्ड की सहायता से उपलब्ध कराया जाता है !

सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना का नया पोर्टल लॉन्च कर दिए जाने से अब आयुष्मान भारत कार्ड को बनाना सभी लोगों के लिए काफी आसान हो गया है ! इसके साथ ही साथ अब आप आयुष्मान भारत योजना के तहत अपने नाम को भी चेक कर सकेंगे ! अगर आपके परिवार के सदस्यों का नाम आयुष्मान भारत योजना से नहीं जुड़ा है तो अब आप अपने परिवार के सदस्यों का नाम भी आयुष्मान भारत योजना के तहत जुडवा सकेंगे !

आयुष्मान के मेडिकल डेटा देखने उन्हें आपकी सहमति की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए उन्हें कार्ड या ओटीपी की जरूरत होगी। व्यक्ति की सहमति पर ही देखा जा सकेगा, ताकि पेसेंट की प्राइवेसी बनी रहे। इस कार्ड का उपयोग लोग किसी भी राज्य में कर सकेंगे। इसमें बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए तक का और 50 हजार रुपए सामान परिवारों को इलाज के लिए खर्च सरकार देती है। राज्यों जैसी स्कीम लागू होगी, उस तरह से यह लागू होता है।

13 लाख कार्ड बनने हैं, 8 लाख ही बन पाए
पूरे जिले में 13 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बनना है। अब तक करीब 8 लाख कार्ड बनाया जा चुका है। इसे लोकसेवा केंद्र सीएचसी (कॉमन च्वाइस सेंटर) के माध्यम से इसे बनाना है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से अधिकृत हॉस्पिटलों में भी यह कार्ड बनता है।

आयुष्मान कार्ड के लिए खुद करा सकते हैं सेल्फ रजिस्ट्रेशन
अब केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी किया है। इसमें ऑनलाइन सेतु पोर्टल से भी जाकर भी सेल्फ रजिस्ट्रेशन कराकर आयुष्मान कार्ड खुद और परिवार का बना सकते हैं। इसे आयुष्मान कार्ड के लिए पेपर डाउनलोड करने के बाद इसका उपयोग किया जा सकता है।

डिजिटल हेल्थ कार्ड एक तरह का आईडी कार्ड है, जो आपका डिजीटल पहचान-पत्र होता है। इसमें मेडिकल रिकॉर्ड सेव रहेंगे। यानि एक ही जगह पर आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री डिजिटली सेव हो जाएगी। अक्सर लोगों के पुराने मेडिकल रिपोर्ट्स या ट्रीटमेंट से रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स गुम जाते हैं या घर से निकलते समय वो इसे ले जाना भूल जाते हैं।

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