रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने नक्सली कमांडर हिड़मा के मृत्यु को सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि हिड़मा नक्सली संगठन का एक प्रमुख नेता था, और उसकी मौत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार की जा रही कार्रवाइयों के चलते कई नक्सली आत्मसमर्पण करने पर मजबूर हो रहे हैं। सिंहदेव ने यह भी कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलने वालों का अंत हमेशा हिंसक ही होता है।
झीरम घाटी हमले के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हिड़मा का नाम ज़रूर सामने आया है, लेकिन इस मामले में अब तक पूरी तरह से जांच नहीं की गई है। उन्होंने इसे एक साधारण नक्सली घटना न मानते हुए इसे “प्रायोजित आतंक” की संज्ञा दी है।

