शासन के आदेश के बाद भी पंडाल में जुटे कर्मचारी, 31 को रायपुर में बैठक!

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कांकेर. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की दो सूत्रीय मांग लो लेकर हो रहा आंदोलन अब और जोर पकड़ चुका है,जिला संयोजक प्रमोद तिवारी द्वारा बताया गया एक ओर शासन और फेडरेशन के पदाधिकारियों के बीच सोमवार को वार्ता हुई लेकिन शासन द्वारा शाम को एक पत्र जारी कर हड़ताल को तोड़ने की कोशिश की गई जिसका पूर जोर विरोध हो रहा है क्योंकि सरकार ने उक्त आदेश के जरिए अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का विगत आंदोलन के 05 दिन का वेतन रोकने संबंधी निर्देश जारी किया है और वही जो अभी हड़ताल नही कर रहे उनका पिछला 05 दिन का अवकाश स्वीकृत करने निर्देशित किया है।

आठवें दिन फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता होने के बाद इस प्रकार का आदेश जारी किया जाना दुर्भाग्यजनक है। जिसकी हम घोर निन्दा करते है। और प्रांत द्वारा अनुमति प्राप्त होते ही उक्त आदेश की प्रति को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।

वही 8 दिन पूर्व जारी अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों के लिए सातवे वेतनमान पर गृहभाड़ा भत्ता पुनरीक्षित करने संबंधी आदेश वार्ता के बाद से वायरल होना कर्मचारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है।

दोनो आदेश फेडरेशन और सरकार के मध्य प्रथम चरण की वार्ता के बाद वायरल होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

फेडरेशन द्वारा जब पहले से ही अपनी मांगों से शासन को अवगत करा दिया था तो सरकार द्वारा पूर्व में ही वित्त विभाग से चर्चा कर तैयारी रखना था, लेकिन सरकार द्वारा अनावश्यक विलम्ब कर आंदोलन को आमंत्रित किया। ये हठधर्मिता का ही परिचायक है , जो आठ दिन के बाद वार्ता कर रही है और उसमे भी हड़ताल तोड़ने दमनात्मक आदेश जारी कर रही है।

जिला संयोजक ने बताया की 31 अगस्त को फेडरेशन को बैठक रायपुर आहूत की गई है जिसमे सभी प्रांताध्यक्ष , जिला संयोजक, संभागीय संयोजक, संभाग प्रभारियों को बुलाया गया है।जिसमे आगामी रणनीति तैयार की जायेगी।

कांकेर जिले के सभी पदाधिकारियों से इस संबंध में अभिमत जाना गया जिसमे बारी बारी से सभी ने आंदोलन जारी रखने के संबंध में अपना अभिमत मंच से दिया।

मंच से बीरेंद्र नाग, प्रांताध्यक्ष वन लिपिक संघ द्वारा मांग पूरी होने तक आंदोलनरत रहने की बात कही, वही छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के उप प्रांताध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा कहा गया की प्रदेश भर में आंदोलन सफलता से संचालित है, और तब तक चलाना चाहिए जब तक मांग पूरी न हो जाए, चतुर्थ श्रेणी के जिलाध्यक्ष देवाल सिंह नेताम ने भी आंदोलन जारी रहने की बात का समर्थन किया।

वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांडे द्वारा भी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही। छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शेख शरीफ खान द्वारा फेडरेशन के प्रांतीय निकाय से अपील की गई की सम्मानजनक समझौता किया जाए अर्थात डी ए और एच आर ए मांग अनुरूप लेकर हड़ताल अवधि का अवकाश स्वीकृत कराया जाए। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप कदम द्वारा मांग की पूर्ति होते तक हड़ताल वापस नहीं लेने की बात कही। न्यायिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जिलाध्यक्ष कैलाश यादव द्वारा मांग पूरी होने तक आंदोलनरत रहने की सहमति दी

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