नई दिल्ली : कांग्रेस के सदस्यता अभियान, महंगाई को लेकर शुरू होने वाले जन-जागरण अभियान और कुछ राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा के लिए मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों की बैठक हुई.
पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तथा अन्य महासचिव, प्रभारी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए.
बैठक के दौरान अपने उद्घाटन भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा की रक्षा की लड़ाई झूठे प्रचार को पहचानने और उसका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार होने के साथ शुरू होती है.
उन्होंने कहा कि हमें वैचारिक रूप से भाजपा-आरएसएस के शातिर अभियान से लड़ना चाहिए. अगर हमें इस लड़ाई को जीतना है तो हमें दृढ़ विश्वास के साथ लड़ना होगा और लोगों के सामने उनके झूठ का पर्दाफाश करना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं अनुशासन और एकता की सर्वोपरि आवश्यकता पर फिर से जोर देना चाहूंगी. हममें से प्रत्येक के लिए जो मायने रखता है वह है संगठन की मजबूती. हमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना चाहिए.
यह बैठक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में सदस्यता अभियान, महंगाई के मुद्दे पर जन-जागरण अभियान तथा संगठनात्मक चुनाव के तय किये गए कार्यक्रमों की पृष्ठभूमि में हुई है.
गत 16 अक्टूबर को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में संगठनात्मक चुनाव का कार्यक्रम तय करने के साथ ही यह निर्णय लिया गया था कि आगामी एक नवंबर से कांग्रेस सदस्यता अभियान चलाएगी, जो अगले साल 31 मार्च तक चलेगा.
इसके साथ ही फैसला हुआ था कि 14 से 29 नवंबर के बीच महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा.
पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह के बीच, प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी इस बैठक में शामिल हुए.
बता दें, कांग्रेस सिद्धू, पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्य के अन्य नेताओं के बीच चल रहे वाकयुद्ध को लेकर चिंतित है. कैप्टन अमरिंदर द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले नई पार्टी बनाने की घोषणा के बाद कांग्रेस की चिंता और भी बढ़ गई है, क्योंकि कैप्टन के करीबी नेता कांग्रेस छोड़कर कैप्टन के साथ जा सकते हैं.
हाल ही में, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी हरीश रावत की कैप्टन के खिलाफ टिप्पणियों पर नाराजगी जताई थी और इसे ‘डेली सोप ओपेरा’ करार दिया था. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि सीडब्ल्यूसी ने मूल्य वृद्धि और किसानों के शोषण के खिलाफ 14 से 29 नवंबर तक बड़े पैमाने पर आंदोलन का फैसला किया है. इसमें जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के पार्टी नेतृत्व भाग लेंगे.

