CG VIDHANSABHA : Heated debate in the Assembly on Minister-Collector rights
रायपुर, 25 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मंत्री और कलेक्टर के अधिकारों को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। प्रश्नकाल के दौरान उठा एक सवाल राजनीतिक रंग ले बैठा और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सीएसआर मद से कराए जा रहे कार्यों में कलेक्टर की कथित मनमानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से पूछा कि औद्योगिक क्षेत्र की सीमा से बाहर गांवों में सीएसआर राशि से विकास कार्य कराना कितना उचित है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि कलेक्टर ही निर्णय लेंगे तो समिति का औचित्य क्या रह जाता है।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब में कहा कि घोषणा करने का अधिकार उनके पास नहीं है और संबंधित मामलों में कलेक्टर से चर्चा कर कार्य कराया जा सकता है।
मंत्री के इस जवाब पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री कलेक्टर को निर्देश नहीं दे सकते तो फिर मंत्री पद का औचित्य क्या है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे केवल घोषणा संबंधी अधिकार की बात कर रहे थे।
इसके बाद भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री की घोषणा का पालन करना कलेक्टर की जिम्मेदारी है और यदि ऐसा नहीं हो रहा तो यह प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल खड़ा करता है।
सदन में हुई यह बहस सीएसआर मद के उपयोग से आगे बढ़कर प्रशासनिक अधिकारों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर केंद्रित हो गई। विपक्ष ने इसे मंत्री के सीमित अधिकारों का मुद्दा बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे प्रक्रिया की स्पष्टता से जुड़ा मामला बताया।

