CHHATTISGARH : New DGP in Chhattisgarh soon, race intensifies
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब जल्द ही फुल टाइम DGP की नियुक्ति हो सकती है। लंबे समय से चल रही देरी पर अब सुप्रीम कोर्ट और UPSC दोनों सख्त हो गए हैं, जिसके बाद सरकार पर फैसला लेने का दबाव बढ़ गया है।
इस रेस में दो बड़े नाम सामने हैं अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता। लेकिन फिलहाल प्रभारी DGP अरुण देव गौतम का पलड़ा भारी माना जा रहा है। वजह साफ है, उनका अनुभव और मौजूदा जिम्मेदारी।
दरअसल, UPSC ने राज्य सरकार से सीधा सवाल किया था कि अब तक स्थायी DGP क्यों नहीं बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्देश हैं कि किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP नहीं होना चाहिए, फिर भी यहां यह व्यवस्था चल रही थी।
फरवरी 2025 में पूर्व DGP के रिटायर होने के बाद अरुण देव गौतम को प्रभार दिया गया था, लेकिन अब एक साल से ज्यादा समय हो चुका है और स्थायी नियुक्ति नहीं हुई।
अरुण देव गौतम का करियर काफी मजबूत रहा है। कई जिलों के एसपी, बस्तर IG और कई अहम पदों पर रह चुके हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने काम किया है, जिससे उनका प्रोफाइल और मजबूत माना जा रहा है।
अब माना जा रहा है कि जल्द ही सरकार किसी एक नाम पर मुहर लगा सकती है और छत्तीसगढ़ को नया स्थायी DGP मिल सकता है।

