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CG PSC RECRUITMENT SCAM : फिर सुर्खियों में पीएससी के पूर्व चेयरमैन सोनवानी के कारनामे, दामाद का सरनेम बदलकर बनाया सहायक जेल अधीक्षक

CG PSC RECRUITMENT SCAM: The exploits of former PSC Chairman Sonwani are again in the headlines, he changed the surname of his son-in-law and made him Assistant Jail Superintendent.

रायपुर। भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने आज सोशल मीडिया में एक पोस्ट शेयर किया, जिसका नाता पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामनसिंह सोनवानी से हैं। गौरी शंकर श्रीवास का आरोप हैं कि टामनसिंह सोनवानी के भाई के दामाद को सरनेम छिपाकर सहायक जेल अधीक्षक बनाया गया। इसके बाद PSC घोटाले से जुड़ा मामला एक बार फिर उजागर हो गया हैं, जो कही ना कही चुनाव के चलते शांत था।

वायरल दस्तावेज में क्या ? –

बता दे कि पीएससी से जुड़े कागजात सोशल मीडिया में वायरल हो रहें हैं। बताया जा रहा हैं पीएससी चयनितों की सूची में सहायक जेल अधीक्षक पद की सूची में दूसरे नंबर पर जिस नरेन्द्र सिंग की नियुक्ति हुई है, वह पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामनसिंह सोनवानी के भाई का दामाद है। नियुक्ति सूची में रोल नंबर 2009156898 नरेन्द्र सिंग का बताया जाता है, जिसे सहायक जेल अधीक्षक पद की पोस्टिंग दी गई है। नाम के बाद का सरनेम भी छुपा दिया गया है।

वही, भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने टामनसिंह सोनवानी को पीएससी घोटाले का मुख्य सरगना बताया हैं और कहा कि काफ़ी अध्ययन के बाद ये पता लगाया गया टामन सोनवानी के भाई का दामाद भी सरनेम छिपाकर सहायक जेल अधीक्षक बन गया हैं।

सुर्खियों में सोनवानी के कारनामे –

बता दे कि इसके पहले पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामनसिंह सोनवानी पर गंभीर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को, कुछ सरकारी अफसरों के बेटे बेटियों, दामाद, कांग्रेस नेता के रिश्तेदारों को गडबडझाला करके पीएससी में चयनित करवाया। खुद सोनवानी पर अपने दत्तक पुत्र को डिप्टी कलेक्टर बनाने, सोनवानी जी का भतीजा को डीएसपी बनाने तथा सोनवानी की भांची को श्रम पदाधिकारी पद पर चयनित कराने के आरोप लगे थे और अब सोनवानी के भाई के दामाद को सरनेम छिपाकर सहायक जेल अधीक्षक पद पर नियुक्ति देने का आरोप लगा है.

भाजपा सरकार बनी तो सोनवानी की जगह जेल : गौरी शंकर श्रीवास –

भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने इस मामले में कहा कि मैंने कागजात के साथ यह आरोप लगाया है कि टामन सोनवानी ने अपने भाई के दामाद को सहायक जेल अधीक्षक पद पर नियुक्ति दिलवाई है। यह सरासर अन्याय है। भाजपा सरकार बनने पर पीएससी भर्ती घोटाला की जांच होगी। सोनवानी को जेल भेजा जायेगा तथा संदिग्धतौर पर गलत नियुक्तियां रदद की जाएंगी। इससे पहले गौरी शंकर श्रीवास ने ही पीएससी घोटाले की शिकायत राजभवन में राज्यपाल से की और अब यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है, जहां दो-तीन सुनवाई हो चुकी है।

 

 

 

 

 

 

 

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