CG NEWS: बिलासपुर। जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक विकलांग दुकानदार ने थाना प्रभारी एस.आर. साहू पर मारपीट, गाली-गलौच और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित दुकानदार का कहना है कि देर रात दुकान बंद न करने को लेकर थाना प्रभारी ने उसके साथ लाठी से मारपीट की और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। पीड़ित के अनुसार, यह पूरी घटना न केवल अमानवीय है बल्कि कानून और संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त आसपास की कई दुकानें और होटल खुले हुए थे, लेकिन कार्रवाई केवल उसी के खिलाफ की गई। उसका आरोप है कि वह शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद पुलिसकर्मी ने उसकी स्थिति पर कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई और बेरहमी से लाठीचार्ज किया।
दुकानदार का कहना है कि वह अपनी आजीविका के लिए दुकान चलाता है और इस तरह की पुलिस कार्रवाई ने उसे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से तोड़ दिया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी एस.आर. साहू ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि जातिसूचक और अपशब्दों का प्रयोग कर उसका अपमान किया। पीड़ित के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो उसे और ज्यादा धमकाया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और अन्य दुकानदार भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित दुकानदार ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत उच्च पुलिस अधिकारियों से की है। शिकायत के साथ उसने सीसीटीवी फुटेज भी संलग्न किया है, जिसमें कथित तौर पर पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। दुकानदार का दावा है कि फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह उसके साथ बल प्रयोग किया गया।
वह किसी भी तरह से कानून व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति में नहीं था। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना की निंदा की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित विकलांग दुकानदार ने मांग की है कि थाना प्रभारी एस.आर. साहू को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए। साथ ही उसने दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा देने की भी मांग की है। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला गंभीर माना जा रहा है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।
