CG Hamar Pahuna: An attempt to revive the era of *Ghazal* gatherings through ‘Mahfilism’.
रायपुर। ग़ज़ल गायकी को नए अंदाज़, नए प्रयोग और आधुनिक प्रस्तुति के साथ युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले सा रे गा मा पा फेम प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए संगीत, ग़ज़ल और बदलते दौर में श्रोताओं की पसंद को लेकर अपने अनुभव साझा किया।
उनके साथ महफिलिज्म कार्यक्रम की प्रड्यूसर चित्रा वकील शर्मा, और डायरेक्टर अनमोल महाजन ने भी पत्रकारों से अपने विचार सांझा किये।
गजल गायक की नई पहचान बन चुके जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा की गायकी की खासियत उनकी भावपूर्ण आवाज़, शब्दों की गहराई और प्रस्तुति में आधुनिकता का मेल है।
इस मौके पर जाज़िम शर्मा ने बताया कि किस तरह ग़ज़ल आज भी युवाओं के दिलों तक पहुंच सकती है। वे ग़ज़ल को सिर्फ सुनने की विधा नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव मानते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि शायरी के मूल भाव और ग़ज़ल की आत्मा से समझौता किए बिना उसकी प्रस्तुति में ऐसा नया रंग जोड़ा जाए, जो आज के श्रोता को अपने करीब महसूस हो।
जसप्रीत ‘जाज़िम’ इन दिनों अपने खास ‘महफ़िलिज़्म’ कार्यक्रम के जरिए ग़ज़ल को नए अंदाज़ में युवाओं के बीच लेकर जा रहे हैं। इसका पहला कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ और अब इस मेफिलिस्म के कॉन्सेप्ट को लेकर हर प्रदेश में चित्र और जसप्रीत की टीम जाने वाली है महफिलिज्म पारंपरिक महफ़िल की आत्मीयता को आधुनिक मंचीय प्रस्तुति के साथ जोड़ना उनके इस प्रयोग की खासियत है।
जसप्रीत का मानना है कि युवाओं को ग़ज़ल से दूर मानना सही नहीं है। युवा ग़ज़ल सुनना चाहते हैं, वे अच्छी शायरी और अच्छे संगीत को समझते भी हैं, लेकिन उन्हें अपनी भाषा, अपने अनुभव और अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उससे जोड़ने की जरूरत है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में ग़ज़ल के पास नई पीढ़ी तक पहुंचने के पहले से कहीं अधिक अवसर हैं।
जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा के मुताबिक ग़ज़ल की सबसे बड़ी ताकत उसका भाव और शब्द हैं। प्रेम, विरह, रिश्ते, जिंदगी, अकेलापन, उम्मीद और मानवीय संवेदनाएं—ये ऐसे विषय हैं, जो किसी एक दौर या पीढ़ी तक सीमित नहीं होते।
उन्होंने कहा कि संगीत के स्वरूप बदल सकते हैं, प्रस्तुति के माध्यम बदल सकते हैं, लेकिन अच्छी शायरी और सच्चा भाव कभी पुराना नहीं होता। यही वजह है कि ग़ज़ल का भविष्य भी मजबूत है। जरूरत सिर्फ उसे नए श्रोताओं तक नए माध्यम और नए अंदाज़ में पहुंचाने की है।
जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा संगीत को किसी एक शैली तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं हैं। उनकी संगीत यात्रा में ग़ज़ल के साथ भक्ति गीत, इंडी सिंगल्स और आधुनिक संगीत प्रयोग भी शामिल हैं। वे अलग-अलग संगीत शैलियों के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी रचनात्मकता को नए रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
उनका मानना है कि एक कलाकार को अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए प्रयोग करने चाहिए। इसी सोच के साथ वे आने वाले समय में नए इंडी प्रोजेक्ट्स और कॉन्सर्ट श्रृंखला के माध्यम से भी श्रोताओं से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
अपने संगीत और रचनात्मकता के मूल मंत्र को साझा करते हुए कार्यक्रम की प्रोड्यूसर चित्रा वकील शर्मा ने कहा,“रचनात्मकता दिल से आनी चाहिए, किसी तयशुदा तरीके से नहीं।”
उन्होंने कहा कि कलाकार की पहचान केवल उसकी आवाज़ से नहीं, बल्कि इस बात से भी बनती है कि वह अपने समय और समाज की संवेदनाओं को किस तरह अपनी कला में उतारता है। उनके लिए संगीत का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं को छूना और श्रोता के साथ एक रिश्ता कायम करना भी है।
रायपुर प्रेस क्लब का ‘हमार पहुना’ कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों को पत्रकारों के बीच लाकर उनके अनुभवों और विचारों से संवाद का अवसर प्रदान करता है। जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम संगीत और पत्रकारिता के बीच संवाद का खूबसूरत अवसर बना।
पत्रकारों ने उनसे ग़ज़ल की बदलती तस्वीर, युवाओं की संगीत पसंद, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका, लाइव म्यूजिक, नए प्रयोगों और ग़ज़ल के भविष्य को लेकर विस्तार से बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा ने अपनी गायकी से भी पत्रकारों को रूबरू कराया। उनकी मौजूदगी ने ‘हमार पहुना’ कार्यक्रम को ग़ज़ल, शायरी और संगीत की आत्मीय महफ़िल में बदल दिया।
रायपुर प्रेस क्लब परिवार की ओर से जसप्रीत ‘जाज़िम’ शर्मा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा , उपाध्यक्ष दिलीप साहू कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, जाकिर घुड़सेना, दीपक पांडे एवं नारद योगी, निकर्ष परमार, रत्ना पांडे, विनय घाडगे, जरीन खान, जावेद खान, इमरान खान, विक्की पंजवानी, अजीत शर्मा, मो शमीम मौजूद रहे
