CG FARMER SUICIDE CASE : Farmer attempts suicide amid token crisis, sparking political heat
रायपुर, 7 दिसंबर 2025। धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से परेशान एक किसान की आत्महत्या की कोशिश के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में भर्ती घायल किसान मनबोध गाड़ा से मिलने रविवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
घटना महासमुंद जिले के बागबहरा क्षेत्र की है, जहाँ 1 एकड़ 40 डिसमिल जमीन वाले किसान मनबोध गाड़ा ने धान खरीदी के टोकन न मिलने से क्षुब्ध होकर ब्लेड से अपना गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। परिजनों के अनुसार मनबोध पिछले दो दिनों से च्वाइस सेंटर के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल में नाम न दिखने के कारण उनका टोकन नहीं कट पा रहा था। इसी तनाव में उन्होंने यह कदम उठाया। गंभीर हालत में उन्हें रायपुर के मेकाहारा (अंबेडकर अस्पताल) रेफर किया गया, जहाँ उनका ऑपरेशन किया गया और फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
अस्पताल में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल ने धान खरीदी व्यवस्था को पूर्णत: अव्यवस्थित बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी, वजन घटतौली, तौल में गड़बड़ी और अवैध वसूली जैसी समस्याएँ आम हो गई हैं। बघेल के मुताबिक, सबसे गंभीर समस्या टोकन को लेकर है, न ऑनलाइन टोकन मिल रहा है और न ऑफलाइन। खरीदी सीमा कम होने से किसानों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
बघेल ने कहा कि मनबोध गाड़ा की आत्महत्या की कोशिश सरकार की किसान विरोधी नीतियों की देन है और यह स्थिति प्रदेश के लिए शर्मनाक है। “पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान को अपना गला काटने जैसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा,” उन्होंने कहा। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिया।
इस घटना के बाद धान खरीदी में अव्यवस्था और टोकन सिस्टम की खामियों को लेकर प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है। किसान संगठन भी सरकार से त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

