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CG CONGRESS BREAKING : 2024 लोकसभा में 24 सीटों पर सिमटेगी भाजपा, मैंने पीएम मोदी की कुंडली दिखवा ली – प्रमोद तिवारी

CG CONGRESS BREAKING: BJP will be limited to 24 seats in 2024 Lok Sabha, I got PM Modi’s horoscope shown – Pramod Tiwari

रायपुर। देश में मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर कांग्रेस ने 9 सवाल पूछे हैं. छत्तीसगढ़ पहुंचे राष्ट्रीय नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी मोनोपली चला रहे हैं. देश में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), सीबीआई और इन्कम टैक्स भाजपा के फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन की तरह काम कर रहे हैं. तिवारी ने दावा किया कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा 100 सीटों पर सिमट जाएगी. उन्होंने सेंगोल को लेकर इशारे में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी देश में सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं. उन्होंने “वह’ मंगवा लिया है, जो सत्ता परिवर्तन के लिए सौंपा जाता है.

राजीव भवन में मीडिया से चर्चा करते हुए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, आज महंगाई से सब प्रभावित हैं. बेरोजगारी से हर घर प्रभावित है. भ्रष्टाचार से हर घर नहीं तो दूसरा घर प्रभावित है. पहले मोदीजी कहते थे तो सब भरोसा कर लेते थे, लेकिन पहले हिमाचल, फिर दिल्ली नगर निगम और अब कर्नाटक से स्पष्ट है कि मोदीजी पर लोगों का भरोसा नहीं रहा. तिवारी ने कहा कि 2014 में भाजपा का वोट प्रतिशत 31.8 प्रतिशत था. फिर तीन-चार प्रतिशत बढ़ गया. तब सभी अलग-अलग लड़ रहे थे. आज 20 पार्टियां एकजुट हैं. हर चीज की अति होती है. हद होती है. समय होता है. अब अति हो गई, हद हो गई और समय हो गया है. इससे तय है कि भाजपा 100 सीटों पर सिमट जाएगी.

राष्ट्रपति स्वस्थ हैं, देश में हैं, फिर क्यों नहीं बुलाया

कांग्रेस नेता के कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वस्थ हैं. देश में ही हैं. वे कहीं विदेश दौर पर नहीं हैं, फिर संसद का उद्घाटन उनके हाथों क्यों नहीं हो रहा है. जिस संसद जिसका उद्घाटन होने जा रहा है, उसका मुखिया कौन है? संसद में जो संविधान बनेगा, उसका मुखिया कौन है? दोनों सदनों का समवेत संबोधन का अधिकार किसे है? संविधान में प्रथम नागरिक किसे माना जाता है? शताब्दियों में एक संसद भवन बने, उसका उद्घाटन संविधान की मुखिया करें, इस बात से 20 दल सहमत हैं.

हम चाहते हैं कि जब उद्घाटन हो, तब राष्ट्रपति रहतीं, प्रधानमंत्री रहते, उप राष्ट्रपति भी रहते. नेता विरोधी दल भी रहते. लोकसभा अध्यक्ष भी रहते. हम सब रहते सदन में. इतना बड़ा प्रयोजन हो रहा है तो सर्व दलीय बैठक बुलाकर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन यह नहीं हुआ, इसलिए हमने तय किया है कि हम न भागीदार बनेंगे, न साझीदार बनेंगे. तिवारी ने कहा कि सेंगोल कोई मुद्दा नहीं है. मुद्दा है राष्ट्रपति को न बुलाना.

ईडी-सीबीआई सरकार गिराने के हथियार

तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने एक खास कैडर के अफसर और खास विचारधारा के लोगों को लाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया गया. संवैधानिक संस्थाओं का जबर्दस्त दुरुपयोग कर सरकारें गिराईं. मध्यप्रदेश, गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मणिपुर में इन्हीं शक्तियों का दुरुपयोग हुआ. किसी पार्टी का फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन होता है, उसी तरह सीबीआई और ईडी का उपयोग हो रहा है. जहां किसी ने विरोध की आवाज उठाई, वहां कोई न कोई ट्रांजक्शन निकल जाता है और ईडी-सीबीआई पहुंच जाती है.

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