CG BREAKING: मुंगेली। जिले के फास्टरपुर थाना क्षेत्र के कुख्यात सट्टा-खाईवाल और ग्राम खैरा/सेतगंगा (फास्टरपुर) के उपसरपंच प्रतिनिधि योगेन्द्र शर्मा उर्फ भर्रा उर्फ लाला महराज के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसके अवैध निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार, योगेन्द्र शर्मा द्वारा मुख्य मार्ग पर गैरकानूनी तरीके से मकान/दुकान का निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन को शिकायत मिलने पर आज नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अवैध निर्माण की पुष्टि के बाद जेसीबी मशीन से पूरी संरचना को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
थाना फास्टरपुर में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 91/2025, धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला पहले ही दर्ज है। पुलिस के अनुसार, योगेन्द्र शर्मा युवाओं को पैसे का लालच देकर सट्टा खिलवाने का काम कर रहा था, जिससे कई परिवार आर्थिक नुकसान और सामाजिक बर्बादी के शिकार हुए।
इसके अलावा आरोपी के खिलाफ जुआ अधिनियम, भादवि और शांतिभंग से जुड़े कई पुराने मामले भी दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी जिले में सक्रिय सट्टा नेटवर्क चलाता था और आसपास के युवाओं को इसमें शामिल कर रहा था।
प्रशासन ने बताया कि आज की कार्रवाई न सिर्फ अवैध निर्माण के खिलाफ थी, बल्कि उन अपराधियों को भी संदेश देने के लिए थी जो सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण करके अनैतिक गतिविधियाँ चलाते हैं। अधिकारियों ने साफ कहा कि जिले में सट्टा, जुआ, अवैध निर्माण और नशे पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी।
कुछ दिन पहले योगेन्द्र शर्मा ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर ने शासन की ओर से विरोध प्रस्तुत किया। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों–बैंक लेनदेन विवरण, कॉल डिटेल्स, गवाहों के बयान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड—को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
इधर, मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 1,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। उन्होंने कहा कि योगेन्द्र शर्मा की कोई भी जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
“अवैध शराब, जुआ, सट्टा और नशे के ठिकानों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान ‘पहल’ के तहत युवाओं को इन अपराधों के दुष्परिणामों से जागरूक किया जा रहा है,”—पुलिस अधीक्षक ने कहा।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि अवैध कार्यों की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अपने क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने में सहयोग करें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जिले में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

