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पेशाब करते समय होती है जलन या तेज दर्द? जानें शरीर में क्या है दिक्कत

नई दिल्ली : यूरिन पास करने के दौरान क्या आपको भी जलन और दर्द का एहसास होता है? अगर हां, तो यह एक बहुत बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें कभी ना कभी यूरिन पास करते समय दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है. इसे लेकर मिसिसिप्पी की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ लकीशा रिचर्डसन ने कहा कि उनके पास आने वाले मरीजों में 30 फीसदी लोगों को यूरिन पास करने के दौरान दर्द का सामना करना पड़ता है.

यूरिन पास करते समय होने वाला दर्द कई तरह के इंफेक्शन का संकेत हो सकता है जिन्हें ठीक करने के लिए ट्रीटमेंट की जरूरत होती है. ऐसे में यह जानना काफी जरूरी है कि आखिर किन कारणों के चलते यूरिन पास करते समय दर्द का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण-

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन- यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का सामना किसी को भी करना पड़ सकता है. लेकिन यह इंफेक्शन महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है. इस इंफेक्शन के चलते महिलाओं को यूरिन पास करते समय दर्द का सामना होता है. यह इंफेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया यूरिन पाइप के जरिए आपके ब्लैडर में प्रवेश कर जाते हैं. ब्लैडर में पहुंचने के बाद ये बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं और यूरिन को एसिडिक बना देते हैं. जिस कारण जब आप यूरिन पास करते हैं तो आपको जलन का एहसास होता है. यूरिन पास करते समय दर्द के साथ ही यूटीआई होने पर आपको बार बार यूरिन पास करने की जरूरत महसूस होती है. यूटीआई होने पर क्लाउडी यूरिन और यूरिन में स्मैल आने के लक्षण भी दिखाई देते हैं.

सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI)- अगर आपको यूरिन पास करते समय दर्द होता है और यह यूटीआई नहीं है तो हो सकता है कि आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन हो. ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो एसटीआई के संकेतों को यूटीआई समझने की गलती कर बैठती हैं. ऐसा करना कई बार रिस्की साबित हो सकता है, क्योंकि एसटीआई का ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना काफी जरूरी होता है. एसटीआई के संकेंतो में शामिल हैं-

  • प्राइवेट पार्ट में खुजली
  • वजाइनल डिस्चार्ज में बदलाव
  • वजाइना में छाले या घाव बनना.

सिस्टायटिस- सिस्टायटिस एक ऐसी समस्या है जिसमें ब्लैडर में सूजन आ जाती है. बहुत से मामलों में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण सिस्टायटिस की समस्या का सामना करना पड़ता है. जिसके चलते यूरिन पास करते समय दर्द होता है. दवाइयों और ट्रीटमेंट की मदद से सिस्टायटिस की समस्या से निपटा जा सकता है.

किडनी इंफेक्शन- अगर आपको यूरिन पास करते समय दर्द और खून निकल रहा है तो इसका मतलब है कि आपके यूरिन इंफेक्शन का प्रभाव किडनियों पर पड़ रहा है. यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है. किडनी इंफेक्शन के बाकी लक्षणों में बुखार आना, पेट में दर्द और ठंड लगना शामिल है. किडनी इंफेक्शन का समय पर इलाज ना होने से हॉस्पिटल में एडमिट होने तक की नौबत आ सकती है. किडनी में होने वाला इंफेक्शन आपके पूरे खून में फैल सकता है जो काफी खतरनाक साबित होता है.

किडनी और ब्लैडर स्टोन- जब यूरिन में मौजूद मिनरल्स एक साथ चिपक जाते हैं और क्रिस्टलाइज्ड हो जाते हैं तो इसे स्टोन कहा जाता है. स्टोन आपकी किडनी और ब्लैडर दोनों में हो सकते हैं. लेकिन जब ब्लैडर में मोजूद स्टोन ब्लैडर की लाइनिंग को परेशान करना शुरू कर देते हैं या किडनी में मौजूद स्टोन गलत जगह पर अटक जाता हैं तो इससे यूरिन का फ्लो ब्लॉक हो जाता है जिस कारण आपको यूरिन पास करते वक्त और बाकी समय पर भी पेट में काफी ज्यादा दर्द होता है. स्टोन का साइज छोटा होने पर डॉक्टर आमतौर पर ज्यादा मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि ये यूरिन के साथ ही बाहर निकल जाए, लेकिन अगर यह आसानी से नहीं निकल पाता तो इसे ऑपरेशन के जरिए निकालना पड़ता है.

वजाइनल टियर- महिलाओं का प्राइवेट पार्ट ड्राई रहने की वजह से सेक्स के दौरान उसमें घाव हो जाते हैं, जिससे यूरिन पास करने के दौरान जलन और दर्द का सामना करना पड़ता है. मेनोपॉज के दौरान भी महिलाओं को प्राइवेट पार्ट में हल्के घाव और यूरिन पास करते समय दर्द हो सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल चेंजेस के कारण वजाइना की वॉल्स और योनि की स्किन काफी पतली हो जाती है जिससे इसमें अपने आप ही घाव बन जाते हैं जिससे यूरिन पास करने में दर्द होता है.

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