BUDGET SESSION 2026 : Budget session begins, government on ‘Reform Express’
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत बुधवार, 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधन के साथ हुई। सेंट्रल हॉल में हुए इस अभिभाषण में राष्ट्रपति ने सांसदों से अपेक्षाएं रखीं। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले बजट के महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” रही है और अब देश “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने सत्र की शुरुआत में सांसदों से जो अपेक्षाएं जताई हैं, उन्हें सभी गंभीरता से लेंगे, ऐसा उन्हें विश्वास है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट सत्र बेहद अहम है क्योंकि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरे क्वार्टर की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह आने वाले 25 वर्षों की निर्णायक शुरुआत है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह दूसरे क्वार्टर का पहला बजट होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करेंगी। उन्होंने इसे देश के लिए गौरव का क्षण बताया और कहा कि यह भारत की आर्थिक स्थिरता और निरंतरता को दर्शाता है।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि साल की शुरुआत एक सकारात्मक संकेत के साथ हुई है। उन्होंने कहा कि यह समझौता आने वाले समय की उज्ज्वल संभावनाओं को दिखाता है। प्रधानमंत्री ने देश के मैन्युफैक्चरर्स से अपील की कि वे इस अवसर को सिर्फ बाजार विस्तार के रूप में न देखें, बल्कि गुणवत्ता सुधार के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि बेस्ट क्वालिटी के साथ बाजार में उतरना ही लंबे समय तक टिकाऊ सफलता की कुंजी है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश अब लंबे समय से लंबित समस्याओं से निकलकर स्थायी और दीर्घकालिक समाधान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के सभी फैसले ह्यूमन-सेंट्रिक हैं और विरोधी भी सरकार के कामकाज की सराहना करने को मजबूर हैं।
इसी बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश करेंगी। आर्थिक सर्वे बजट से पहले देश की अर्थव्यवस्था का विस्तृत आकलन प्रस्तुत करता है। इसके बाद 1 फरवरी को वित्त मंत्री केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा। माना जा रहा है कि इस बजट में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक विकास को गति देने वाले कई सुधारात्मक कदम शामिल होंगे।
वहीं, बजट सत्र को लेकर विपक्ष ने VB-G RAM-G बिल और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई है। हालांकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कर दिया है कि ये विषय पहले ही शीतकालीन सत्र में उठाए जा चुके हैं और इस सत्र में इन पर अलग से चर्चा नहीं होगी।

