रायगढ: भाजपा जिला ध्यक्ष उमेश अग्रवाल के सुपुत्र के खिलाफ महिला के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला दर्ज करने वाले नगर के सबसे चुस्त टीआई मनीष नागर के खिलाफ जिला भाजपा के इशारे पर भाजयुमो द्वारा मोर्चा खोल दिया गया है। पुत्र मोह में आकर जिलाभाजपा अध्यक्ष के इशारे पर भाजयुमो के जरिये नगर कोतवाल के खिलाफ खोले गए मोर्चे की वजह से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजयुमो जिला मोर्चा व नगर मण्डल के मध्य जिला शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौपे जाने को लेकर गुटीय लड़ाई जोरो पर है। भायजुमो व मंडल के मध्य गुटीय लड़ाई सोशल मंच में सार्वजनिक भी हो चुकी है। दोनो संगठनों के मध्य तालमेल बैठाने व अपने बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का बदला लेने टीआई मनीष नागर के खिलाफ ही आज मोर्चा खोल दिया गया जिला भाजपा के आनुषिक संगठन भाजयुमो में शिक्षा धिकारी को ज्ञापन सौपने को लेकर आपसी टकराहट खींचतान की जानकारी सामने आई है। भाजपा में चल रही गुटीय लड़ाई जनचर्चा का विषय बन गई है। छोटे छोटे कार्यकर्ताओ की फुट का असर कार्यक्रम व आयोजनों के दौरान स्पष्ट नजर आ रहा है। मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार 21 अगस्त को नटवर स्कूल का नाम परिवर्तन व हिंदी मीडियम बन्द किये जाने के मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला रायगढ़ द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
यह आयोजन नगर मण्डल के तत्वाधान में आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम की पूर्व तैयारी नगर मंडल के पदाधिकारियों द्वारा की गई लेकिन ऐन मौके पर यह आयोजन जिला भाजयुमो के पदाधिकारियों द्वारा हाईजैक करते हुए न केवल धरना दिया गया और ज्ञापन भी सौपा गया। भाजयुमो के शामिल होने की वजह से नगर मण्डल ने इस कार्यक्रम का ही अघोषित बहिष्कार कर दिया। नगर मण्डल के पदाधिकारियों ने इस पर अपनी गहरी नाराजगी जताई और मण्डल अध्यक्ष कार्यक्रम से दूरी बनाई।
इस मामले को लेकर सोशल मंच में भाजयूमो के अधिकृत ग्रुप में कुछ कार्यकर्ताओ ने सवालो के जवाब मांगे तो उन्हें ग्रुप से निष्काषित कर दिया गया। इस बात को लेकर भी निष्ठावान कार्यकर्ताओं में गहन आक्रोश भी व्याप्त है। संगठन की गतिविधियों के संचालन में आंतरिक लोकतंत्र की बजाय तालिबानी प्रणाली लागू हो गई है विदित हो कि विगत दिनों महिला मोर्चा में भी तीजा महोत्सव को लेकर गुटबाजी की खबर सामने आ रही है। वर्चस्व की लड़ाई में महिला मोर्चा ने दो अलग अलग आयोजन किये। विधान सभा चुनाव के बाद अनुभवी नेताओ की कमी की वजह से निचले कार्यकर्ताओ में अंतहीन गुटबाजी बढ़ गई है। वरिष्ठ नेता भी अंदर खाने से नाराज बताये जा रहे है।

