नीरज शर्मा संवाददाता शिवरीनारायण ✍️
शिवरीनारायण। नगर में प्रशासनिक अनियमितताओं और बढ़ते अतिक्रमण को लेकर आज एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। वार्ड क्रमांक 08 निवासी नीरज शर्मा ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, शिवरीनारायण को दो अलग-अलग लिखित शिकायतें सौंपते हुए नगर पंचायत के कर्मचारियों पर गलत जानकारी आधारित अवैध NOC जारी करने तथा दो व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक नाली और मार्ग पर अतिक्रमण कर राहगीरों व नागरिकों को लगातार हो रही परेशानियों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।
गलत जानकारी पर जारी NOC — धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका, FIR की मांग तेज
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत के संबंधित अधिकारी/कर्मचारी ने ठेला/गुमटी वाले स्थान को जानबूझकर “जर्जर मकान” के रूप में दर्शाते हुए NOC जारी कर दी। यह कार्रवाई, उनके अनुसार, न केवल मिथ्या तथ्यों पर आधारित है बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की ओर भी संकेत करती है।
शिकायत में इन धाराओं में FIR की मांग की गई है—
IPC धारा 420 — धोखाधड़ी कर अनुचित लाभ प्राप्त करना
IPC धारा 468 — फर्जी/भ्रामक दस्तावेज तैयार करना।
IPC धारा 471 — फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर लाभ उठाना
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 — पद का दुरुपयोग
नीरज शर्मा ने NOC जारी करने वाले कर्मचारी एवं गलत जानकारी देकर NOC प्राप्त करने वाले व्यक्ति—दोनों पर FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अतिक्रमण का मामला भी गंभीर—नाली अवरुद्ध, रास्ता बंद और फुटपाथ पर अवैध निर्माण
दूसरी शिकायत में शिकायतकर्ता ने वार्ड के दो व्यक्तियों—मनोहर साहू और रामचरण कर्ष —के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
1. नाली के ऊपर अवैध दुकान—सार्वजनिक मार्ग संकरा
शिकायत के अनुसार मनोहर साहू द्वारा नाली के ऊपर बजवट लगाकर दुकान चलाई जा रही है, जिससे नाली का प्रवाह पूरी तरह बाधित मार्ग संकरा और आवागमन प्रभावित हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम की खुलेआम अवहेलना है।
2. मुख्य द्वार के सामने ठेला रखकर रास्ता अवरुद्ध
रामचरण कर्ष द्वारा शिकायतकर्ता के मुख्य द्वार के ठीक सामने ठेला रख दिया गया है, जिससे आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। यह कृत्य:
IPC धारा 283 — मार्ग अवरोध के तहत दंडनीय है।
3. नाली और फुटपाथ पर अवैध निर्माण — स्पष्ट कानून उल्लंघन

शिकायत में उल्लेख है कि रामचरण कर्ष ने नाली के ऊपर तथा फुटपाथ से सटाकर अवैध निर्माण कर लिया है। यह छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम-1956 की धारा 223, 224, 229 के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है और एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अतिक्रमण से निर्माण कार्य महीनों से ठप — मानसिक और आर्थिक नुकसान
अतिक्रमण के कारण नीरज शर्मा का—
मुख्य द्वार निर्माण
शौचालय निर्माण
लंबे समय से बाधित है। शिकायतकर्ता ने इसे—
आर्थिक क्षति, मानसिक तनाव, और पारिवारिक कठिनाइयों का मुख्य कारण बताया है।
नोटिस के बाद भी अतिक्रमण न हटाना — दुर्भावनापूर्ण नीयत का संकेत
शिकायतकर्ता के अनुसार नगर पंचायत द्वारा दोनों व्यक्तियों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद—
- न तो अतिक्रमण हटाया गया
- न ही सार्वजनिक मार्ग खाली किया गया।
यह व्यवहार प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना और नियोजित उद्देश्य की ओर इशारा करता है।
अब निगाहें प्रशासन पर — क्या होगी सख्त कार्रवाई?
मुख्य नगर पालिका अधिकारी को की गई इन गंभीर शिकायतों ने नगर पंचायत की पारदर्शिता, कार्यप्रणाली और विधि-पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नगर के लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन—
- अवैध NOC,
- सार्वजनिक मार्ग अवरोध,
- और नाली पर कब्जे
जैसे गंभीर मुद्दों पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।

