CG NEWS : Continuous hunting in Bhoramdev Sanctuary, questions raised on the role of Forest Department
पत्रकार दीपक तिवारी
कवर्धा (कबीरधाम)। प्रदेश के प्रसिद्ध भोरमदेव वन्यप्राणी अभ्यारण से चिंताजनक खबर सामने आई है। बीते चार दिनों से अभ्यारण क्षेत्र के भीतर जंगली सूअर के शिकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, अभ्यारण के भीतर शिकारियों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। बावजूद इसके गश्त बढ़ाने या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं गंभीर मानी जाती हैं।
इधर, कुछ समय पहले भी एक कथित मामले की चर्चा रही थी, जिसमें विभाग से जुड़े एक अधिकारी पर हिरण के शिकार और मांस परोसने के आरोप लगे थे। हालांकि उस मामले में न तो कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई और न ही कार्रवाई की पुष्टि हुई।
इन घटनाओं के बाद वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि अभ्यारण जैसे सुरक्षित क्षेत्र में भी वन्यजीव सुरक्षित नहीं हैं, तो संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यदि कोई दोषी है चाहे शिकारी हो या विभागीय स्तर पर कोई जिम्मेदार तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

