BANGLADESH RICE IMPORT : Despite the tension, trade continues; 50,000 tonnes of rice from Chhattisgarh to Bangladesh
रायपुर डेस्क। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत-बांग्लादेश रिश्तों में भले ही तल्खी आई हो, लेकिन कारोबार पर इसका असर नहीं दिख रहा है। इसी बीच बांग्लादेश सरकार ने भारत से 50 हजार टन चावल आयात करने का फैसला लिया है, जिसकी सप्लाई छत्तीसगढ़ की रायपुर स्थित फर्म करेगी।
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं ने भारत समेत दुनिया भर में चिंता बढ़ाई है। शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखा गया, लेकिन इसके बावजूद व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं। इसका ताजा उदाहरण बांग्लादेश सरकार का भारत से बड़ी मात्रा में चावल खरीदने का फैसला है।
जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के खाद्य मंत्रालय ने इसके लिए टेंडर जारी किया था, जिसमें रायपुर की फर्म बागडिय़ा ब्रदर्स को 50 हजार टन चावल सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है। छत्तीसगढ़ के चावल कारोबारी अतुल अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ से पहले भी बांग्लादेश सहित कई देशों को चावल निर्यात होता रहा है और मौजूदा हालात में भी व्यापार में कोई रुकावट नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश सरकार करीब 355 डॉलर प्रति टन की दर से भारत से चावल खरीद रही है, जबकि पाकिस्तान और वियतनाम जैसे देशों से चावल मंगाने पर करीब 395 डॉलर प्रति टन खर्च आता है। यही वजह है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद बांग्लादेश भारत से चावल और अन्य जरूरी सामान आयात कर रहा है।
बताया जा रहा है कि बागडिय़ा ब्रदर्स जल्द ही चावल की सप्लाई शुरू करेगा। यह फर्म पहले भी बांग्लादेश को चावल निर्यात कर चुकी है।

