
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति अयोध्या रेलवे स्टेशन से सीधे रामकथा पार्क पहुंचेंगे। यहां पर वह रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। यहां से राष्ट्रपति श्री राम जन्मभूमि जाएंगे और रामलला का दर्शन-पूजन करने के बाद पौधरोपण करेंगे। राम मंदिर निर्माण पर वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बातचीत भी करेंगे। इसके बाद वह प्रेसिडेंशियल ट्रेन से वापस लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। जहां से शाम करीब 6 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दिल्ली के लिए फ्लाइट से रवाना होंगे।

रामलला का दर्शन करने वाले रामनाथ कोविंद पहले राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उनसे पहले बतौर राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह साल 1983 में अयोध्या आए थे। वह उस वक्त कनक भवन और हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करने गए थे। जैल सिंह ने उस वक्त विवादित ढांचे में स्थापित रामलला के दर्शन नहीं किए थे। बता दें कि 1980 के दशक में राम मंदिर आंदोलन ने काफी तेजी पकड़ ली थी। उसी दौर में विवादित ढांचे के दरवाजे का ताला खोलने का फैसला कोर्ट ने सुनाया था। जिसके बाद 1992 के 6 दिसंबर को विवादित ढांचा कारसेवकों ने गिरा दिया था। उससे पहले 1990 में यूपी की तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने विवादित ढांचा गिराने जा रहे कारसेवकों पर पुलिस से फायरिंग कराई थी। जिसमें कई कारसेवकों की जान चली गई थी।

