ASSAM CONGRESS : Resignation in the morning, return by evening, Bora’s U-turn
नई दिल्ली। असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद अपना फैसला बदल दिया। सुबह उन्होंने अपना इस्तीफा मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था। पत्र में “अनदेखी” और सम्मान न मिलने की बात लिखी गई थी।
इस्तीफे की खबर फैलते ही गुवाहाटी में हलचल मच गई। मौजूदा असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता उनके घर पहुंचे। लंबी बैठकों और मनाने की कोशिशों के बाद बोरा ने यू-टर्न लेते हुए पार्टी में बने रहने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, संगठन में अहम भूमिका देने का आश्वासन भी दिया गया है।
इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया और दावा किया कि आने वाले समय में 4–5 विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि बोरा ने बीजेपी जॉइन करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है।
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उनके इस्तीफे और फिर वापसी से यह साफ हुआ कि पार्टी के भीतर असंतोष जरूर है, लेकिन फिलहाल टूट टल गई है। असम विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

