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भाजपा की सरकार आते ही छत्तीसगढ़ को एक बार फिर संघियो का चारागाह बनाया जा रहा है : वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के पद पर दूसरे प्रदेशों से नियुक्त करने के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विष्णुदेव साय सरकार और भाजपा नेताओं के दिमाग में केवल आउट सोर्स बसा है। भाजपा सरकार खुद ही केंद्र के रिमोट से चलने वाली आउटसोर्सिंग सरकार है। छत्तीसगढ़ में पिछले 15 साल के भाजपा सरकार के दौरान में चपरासी से लेकर अधिकारी तक आउटसोर्सिंग भर्ती करते थे। रमन राज में आउट सोसिंग का फायदा बिचौलियों ने उठाया, कमीशनखोरी करके करोड़ो का वारा- न्यारा किया। शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता के मापदंडों को दरकिनार करके संघियों को उपकृत किया जाता रहा, कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। अब एक बार फिर वही दौर शुरू हो गया, आरएसएस के लोगों को एंट्री कराने की प्लानिंग हो रही है। आउटसोर्सिंग छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों के लिए सबसे बड़ा अपमान है, नियमित कर्मचारी के तौर पर छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में योजगार के अवसर खत्म करने का षड़यंत्र विष्णुदेव साय की युवा विरोधी सरकार ने रचा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने अपने 5 साल में 5 लाख से अधिक नये नौकरियों के अवसर सृजित किये। केवल सरकारी विभागों में ही लगभग 1 लाख रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की। स्वास्थ्य विभाग में डाक्टर, विशेषज्ञ, नर्स और तकनिशियनों सहित 4 हजार से अधिक नियमित पदों पर भर्तीया की। छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरकारी विभागों में नियमित पदो पर लगभग 48 हजार नौकरिया जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय से प्रक्रियाधीन है, उसे भाजपा की सरकार आने के बाद बाधित कर दिया गया है। विष्णुदेव साय की सरकार का पूरा फोकस केवल अवैध वसूली, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी में है।

आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड से इलाज अघोषित तौर पर बंद है। निजी अस्पतालों में भुगतान नहीं होने के कारण मरीज को तरह-तरह से बहाने बनाकर बिना इलाज के ही लौटाया जा रहा है। साय सरकार आने के बाद से पिछले पांच महीनों से सरकारी अस्पताल में जांच और दवाओं का संकट है। टीवी तक की दवा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है, पोषक आहार के लिए टीवी के मरीजों को जो 500 रुपया प्रतिमाह की दर से सहायता राशि दी जाती थी, वह तक भाजपा की साय सरकार ने बंद कर दिया है और अब स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में दूसरे प्रदेशों के लोगों का आउटसोर्सिंग करके छत्तीसगढ़ के युवाओं से आखिर किस बात का बदला ले रही है भारतीय जनता पार्टी सरकार?

उन्होंने कहा विष्णुदेव साय सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा की सरकार आते ही छत्तीसगढ़ को एक बार फिर संघियो का चारागाह बनाया जा रहा है। 15 साल पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान स्थानीय प्रतिभाओं को दरकिनार कर छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में बाहरी राज्यों के लोगों को कुलपति नियुक्त किया। संवैधानिक निकायों में भी बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेशों के संघियों को खपाया गया। प्रमुख विभागों में भी चपरासी से लेकर अधिकारी तक के पदों पर बाहरी लोगों को नियुक्तियां दी गई। अब एक बार फिर विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार स्थानीय युवाओं के सरकारी नौकरी के अधिकार का गला घोटकर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती करने का षड़यंत्र रच रही है।

 

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