पीएससी भ्रष्टाचार में एक और FIR दर्ज, अभ्यर्थी की शिकायत पर पूर्व PSC चेयरमैन सहित अन्य पर मामला दर्ज

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बालोद। PSC घोटाले को लेकर अब जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। बालोद जिले में भी PSC में गड़बड़ी को लेकर FIR दर्ज करायी गयी है। अभ्यर्थी की शिकायत पर अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता का नाम उजागर नहीं किया गया है।

अभ्यर्थी ने अपनी शिकायत में कहा है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2021 में 171 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसमें अभ्यर्थी भी शामिल हुआ। अभ्यर्थी का कहना है कि वो भर्ती प्रक्रिया के सभी चरणों को पास करते हुए साक्षात्कार तक पहुंचा, इंटरव्यू भी काफी अच्छा रहा। लेकिन, आयोग ने 11 मई 2023 को जो मेरिट लिस्ट व चयन सूची जारी की, उसमें अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ। अभ्यर्थी का दावा है उसकी मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार बहुत अच्छा हुआ, लेकिन चयन नहीं हुआ।

CGPSC SCAM: अभ्यर्थी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर ईओडब्ल्यू को भेज दिया है। आपको बता दें कि इससे पूर्व ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज किया था, जिसमें तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। अब पीएससी घोटाले को लेकर बालोद ज़िले के अर्जुन्दा थाने में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE, 7(a)-PRE के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में अभ्यर्थी ने कहा है कि बाद में उसे मालूम हुआ कि परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई है। मैंने मेरिट लिस्ट की जांच की। कुछ विशेष नामों को चिन्हित कर जब उनके बारे में ज्यादा जानकारी एकत्र की तो पता चला कि इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है।

CGPSC SCAM: शिकायत में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी सहित अन्य पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीबियों को नौकरी दी। इस मामले में ASP सुशील नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाले मामले को लेकर बालोद जिले के अर्जुंदा थाने में धारा 420 और भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

CGPSC SCAM: प्रार्थी पीएससी परीक्षा में शामिल हुआ था, इंटरव्यू भी दिया, लेकिन अनियमितता और गड़बड़ी होने के कारण उसका चयन नहीं हो पाया। जिसके बाद उसने लिखित शिकायत दर्ज कराया। अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। एएसपी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह मामला उच्च जांच एजेंसी जो मामले की जांच कर रही है, उसे सौंपा जाएगा। पूरे मामले में टामन सिंह सोनवानी एवं अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

CGPSC SCAM: शिकायती पत्र में ये लिखा है

CGPSC SCAM: महोदय, निवेदन है कि छग लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2021 में 171 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसमें मैं भी शामिल हुआ। मैं भर्ती प्रक्रिया के समस्त चरणों को पास करते हुए साक्षात्कार तक पहुंचा। आयोग द्वारा 11.05.2023 को मेरिट लिस्ट तथा चयन सूची जारी की गई। रिजल्ट बहुत चौंकाने वाला था। मेरी मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार बहुत अच्छा हुआ, लेकिन चयन नहीं हुआ।

 

CGPSC SCAM: बाद में मुझे मालूम हुआ कि परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई है। मैंने मेरिट लिस्ट की जांच की। कुछ विशेष नामों को चिन्हित कर जब उनके बारे में ज्यादा जानकारी एकत्र की तो पता चला कि इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। टामन सिंह सोनवानी द्वारा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में घोटाला किया गया है। परीक्षा में अनुपस्थित पटेल को असिस्टेंट प्रोफेसर बना दिया है।

CGPSC SCAM: एक परीक्षा केंद्र में 50 अभ्यर्थी में से 36 अभ्यर्थियों को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है। इसमें भी टामन सिंह के द्वारा अपने रिश्तेदार को असिस्टेंट प्रोफेसर में नियुक्ति दी गई है। इसी तरह 2019 और 2020 में भी आयोजित परीक्षा में पूर्व चेयरमैन सोनवानी ने साक्षात्कार खुद लेकर अपने पुत्र, पुत्री एवं रिश्तेदारों को विभिन्न पदों में नौकरी दी है।

CGPSC SCAM: चयनित अभ्यर्थियों का विवरण निम्नानुसार है। इसमें नितेश, रोल नंबर- 2109166651 को डिप्टी कलेक्टर चयनित किया गया। ये आयोग के अध्यक्ष सोनवानी के पुत्र हैं। इनके नाम में सोनवानी सरनेम को छुपाया गया है। इसी तरह साहिल जिसका चयन डीएसपी के पद पर हुआ है वह सोनवानी के बड़े भाई का पुत्र है। इसमें भी सोनवानी सरनेम छुपाया गया है। मिशा कोसले डिप्टी कलेक्टर टामन सिंह की बहु है। दीपा आदिल जिला आबकारी अधिकारी, सुनीता जोशी श्रम पदाधिकारी ये दोनों पूर्व अध्यक्ष के बहन की पुत्रियां हैं।

CGPSC SCAM: पीएससी के सचिव जीवन किशोर के बेटे सुमीत ध्रुव को डिप्टी कलेक्टर, नेहा व निखिल डिप्टी कलेक्टर चुने गए हैं। ये दोनों राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो के पुत्र-पुत्री हैं। डिप्टी कलेक्टर चयनित साक्षी ध्रुव बस्तर नक्सल आपरेशन के तत्कालीन डीआईजी केएल ध्रुव की पुत्री हैं। कांग्रेसी नेता की बेटी अनन्या अग्रवाल का चयन भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है।

CGPSC SCAM: डिप्टी कलेक्टर शशांक गोयल व भूमिका कटियार कांग्रेस नेता सुधीर कटियार के बेटी दामाद हैं। खुशबू बिजौरा कांग्रेसी नेता के ओएसडी के साढू की पुत्री है। राजेन्द्र कौशिक कांग्रेसी नेता के पुत्र हैं। इसी तरह बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार आयोग के अध्यक्ष, सचिव, राजनेता एवं अन्य के द्वारा किया गया है।

CGPSC SCAM: डिप्टी कलेक्टर शशांक गोयल व भूमिका कटियार कांग्रेस नेता सुधीर कटियार के बेटी दामाद हैं। खुशबू बिजौरा कांग्रेसी नेता के ओएसडी के साढू की पुत्री है। राजेन्द्र कौशिक कांग्रेसी नेता के पुत्र हैं। इसी तरह बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार आयोग के अध्यक्ष, सचिव, राजनेता एवं अन्य के द्वारा किया गया है।

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