नववर्ष पर नई कृषि शिक्षा प्रणाली पर विचार-मंथन, राज्यपाल करेंंगी शुभारंभ

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रायपुर। नए वर्ष की शुरूआत छत्तीसगढ़ में नई कृषि शिक्षा प्रणाली तैयार करने पर विचार मंथन से होने जा रही है। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके एक जनवरी, 2022 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छत्तीसगढ़ कृषि शिक्षा प्रणाली विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगी। कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में दोपहर 12 बजे आयोजित शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा, विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि पंचांग-2022, कृषि ई-पंचांग एवं विश्वविद्यालय के अन्य प्रकाशनों का विमोचन होगा। इस कार्यक्रम में कृषकों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा विश्वविद्यालय के मेघावी छात्रों का सम्मान भी अतिथियों द्वारा किया जाएगा।
राज्यपाल कृषि विश्वविद्यालय प्रवास के दौरान विश्वविद्यालय के प्रीसीजन फार्मिंग केन्द्र का भी आवलोकन करेंगी। विश्वविद्यालय के प्रीसीजन फार्मिंग केन्द्र में त्रि-स्तरीय खेती का प्रदर्शन किया गया है। प्रथम लेयर में मौसमी हाई वैल्यू फसलें जैसे – ब्रोकली, रेड कैबेज, नोल-खोल, लेट्यूस आदि की खेती की जा रही है। द्वितीय लेयर में छे माहा के आस-पास की अवधि फसलें जैसे अदरक की खेती की जा रही है। इसके साथ ही तीसरे लेयर के रूप में पपीते जैसी लगभग दो साल अवधि की फसलों की खेती की जा रही है। इसी प्रकार सब्जियों के साथ ड्रैगन फ्रूट जैसी हाई वैल्यू फसलों की खेती की जा रही है। खेती के इस मॉडल से किसानों को वर्ष भर आमदनी होती रहेगी। इसके पश्चात राज्यपाल महोदया विश्वविद्यालय के अक्ति जैव विविधता संग्रहालय का भ्रमण करेंगी जहां धान, अलसी एवं तिवड़ा की लगभग 28 हजार प्रजातियों का संग्रहण किया गया है एवं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। राज्यपाल महोदया यहां फायटो सेनेटरी प्रयोगशाला का अवलोकन भी करेंगी। विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित फायटो सेनेटरी प्रयोगशाला को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा प्रमाणित किया गया है जिससे यहां 70 विभिन्न फसलों में कीटनाशक अवषेशों एवं रोगाणुओं की जांच हेतु मान्यता प्राप्त हुई है। इससे छत्तीसगढ़ के किसान अपनी फसलों की जांच यहां करवाकर उनका निर्यात कर सकेंगे।
कार्यक्रम स्थल पर विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों, अनुसंधान केन्द्रों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है जहां कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी, अनुसंधान कार्यों तथा जैव विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्रों के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे लगभग 30 स्व-सहायता समूहों के उत्पादों एवं मार्केटिंग मॉडल को भी प्रदर्शित किया जाएगा। कृषि शिक्षा प्रणाली पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के तकनीकी सत्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.एस. सेंगर के साथ ही छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ आयुष विश्वविद्यालय, मैट्स युनिवर्सिटी के कुलपति तथा आई.आई.आई.टी. एवं आई.आई.एम. के निदेशक सहित अनेक विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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