तिरछी नजर : स्वच्छता को लेकर दो आईएएस भिड़े

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स्वच्छता को लेकर छत्तीसगढ़ का नाम देश भर में रोशन हो रहा है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता दिलाने वाले विभाग नगरीय प्रशासन के मंत्री भी गदगद है। जिस समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हो रहे थे उसके दो दिन पहले तक ऑफिसर कॉलोनी के दो आईएएस अफसरों के बीच स्वच्छता पर जंग छिड़ी हुई थी । इसके लिए तीसरे आईएएस को सुलह कराने और झगड़े को शांत करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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चिटफंड के मालिक मजे में

चिटफंड घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर डीजीपी डीएम अवस्थी को तो हटा दिया गया। लेकिन चिटफंड करने वाले कंपनी के मालिक अभी भी मजे में हैं। नियम कानूनों की खामियों का फायदा उठाया चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टर अपने लिए रास्ता बना ले रहे हैं। चिटफंड के सबसे बड़े आरोपी को बरसों से जेल में बंद हैं। लेकिन जेल के भीतर उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही है। मजे की बात यह है कि चिटफंड कंपनी के मालिक की बेनामी संपत्ति को निपटाने में एक बड़े बिल्डर मदद कर रहे हैं। बिल्डर और घोटालेबाज के मेल मुलाकात की काफी चर्चा हो रही है।


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अफसर को हटाने तीन विधायकों को चिट्ठी

राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अफसर हटने की प्रशासनिक हल्कों में जमकर चर्चा रही। बताते हैं कि अफसर को हटाने के लिए एक संसदीय सचिव और दो अन्य सीनियर विधायकों ने सीएम को चिट्ठी लिखी थी। उन्हें कहा गया कि अफसर की कार्यप्रणाली से नुकसान उठाना पड़ सकता है। मगर अफसर को एक ताकतवर मंत्री का समर्थन रहा है। यही वजह है कि अफसर का ट्रांसफर आर्डर निकलने में ही महीनों लग गए।
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शाही शादी

प्रदेश के एक नामी उद्योग घराने की बिटिया की पिछले दिनों हुई शादी की जमकर चर्चा है। शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित देश के सबसे महंगे होटलों में से एक उदय विलास पैलेस में हुई। शादी में शरीक होने के लिए यहां के कई प्रभावशाली लोग गए थे उनके लिए दो विमान बुक कराए गए थे। कई लोग उम्मीद से थे लेकिन उन्हें आमंत्रण नहीं भेजा गया। इस शादी में ही करोड़ों खर्च किए जाने की चर्चा है।
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पांच विधायकों को चेतावनी

भाजपा नेताओं की गतिविधियों पर पार्टी हाईकमान की नजर है। पार्टी ने गुपचुप तौर पर सर्वे भी कराया है। बताते हैं कि क्षेत्र में कम सक्रिय रहने वाले पांच विधायकों को चेतावनी भी दी गई है। ये विधायक अपने क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहे हैं। प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने अनौपचारिक चर्चा में इस बात पर नाराजगी जताई है कि फील्ड में छत्तीसगढ़ के नेता सक्रिय नहीं रहते हैं। इससे नुकसान हो सकता है। हाईकमान की सख्ती के बाद अब पार्टी नेता हिलते-डुलते दिख रहे हैं।
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नहीं बदला तो सिर्फ अफसर

प्रदेश में शराब का बेहतर प्रबंधन करने वाले टेलीफोन सेवा के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एके त्रिपाठी लूप लाईन में रहकर मैनेजमेंट करने में माहिर माने जाते हैं। इसीलिए तो सरकार बदल गई लेकिन त्रिपाठी की अहमियत बरकरार रही। विपक्ष में रहते कांग्रेस शराब के मुद्दे पर रमन सरकार को घेरती थी। और अब पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जवाब देने वाले अफसर नहीं बदले हैं। भाजपा सरकार ने शराब ठेकेदारों से झगड़े के चलते नई नीति लाकर अपनी पीठ थपथपाई। अब कांग्रेस सरकार भी इसी कदम में चल रही है। भूपेश सरकार ने एके त्रिपाठी को संविदा में पद देने की तैयारी चल रही है। इस सिलसिले में केन्द्र को पत्र भी लिखा गया है। चर्चा है कि केन्द्र सरकार से अनुमति मिलने पर त्रिपाठी नौकरी छोड़ सकते हैं।

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