FAKE HALDI : ‘Turmeric powder’ was being made without turmeric!
FAKE HALDI: उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की छापेमारी के दौरान एक मसाला फैक्ट्री में कथित तौर पर चावल के टूटे दानों को पीसकर उनमें रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था.
जांच में बड़ी मात्रा में संदिग्ध मसाले, रंग और कच्चा माल बरामद किया गया है. विभाग ने लाखों रुपये का स्टॉक जब्त कर नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया है. अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह कार्रवाई कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज में अचानक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था, लेकिन अधिकारियों को वहां साबुत हल्दी का कोई स्टॉक नहीं मिला. इसी बात ने टीम के संदेह को और मजबूत कर दिया और फैक्ट्री में मौजूद कच्चे माल की गहन जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान अधिकारियों को फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में चावल के टूटे हुए दाने मिले. टीम का दावा है कि इन्हें पीसकर उनमें हल्दी जैसा लिक्विड रंग मिलाया जा रहा था और फिर उसी मिश्रण को हल्दी पाउडर के रूप में तैयार किया जा रहा था.
इसके अलावा परिसर से मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी में मिलाया जाने वाला रंग और मिर्च को अधिक चमकदार दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाला रंग भी बरामद हुआ. इन सभी सामग्रियों को जांच के लिए सील कर लिया गया
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री से कुल छह नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं. अब वैज्ञानिक जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मसालों में किस प्रकार की मिलावट की गई थी और क्या ये उत्पाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तय मानकों पर खरे उतरते हैं.
यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग का कहना है कि दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
