Justice Nagaratna Makes Strong Remarks on Centre-State Relations: Why Did She Say States Are Not Slaves of the Centre?
पटना : पटना में आयोजित प्रथम डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान में सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने स्पष्ट कहा कि केंद्र को राज्यों को ‘अधीनस्थ’ नहीं, बल्कि ‘समकक्ष इकाइयों’ के रूप में देखना चाहिए।
- केंद्र-राज्य संबंध दलगत राजनीति नहीं, संविधान से तय होंगे
- राज्यों को अधीनस्थ नहीं, समकक्ष इकाइयों की तरह देखा जाए
- विकास और शासन में किसी राज्य के नागरिकों से भेदभाव नहीं
- ‘प्रशासनिक फैसलों में भेदभाव नहीं हो सकता’
केंद्र-राज्य संबंध संवैधानिक शासन के दायरे में आते हैं और इनमें दलगत मतभेदों या वैचारिक असहमति को अलग रखना होगा।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि किसी भी राज्य के नागरिकों के साथ विकास योजनाओं या प्रशासनिक फैसलों में भेदभाव नहीं हो सकता।
राज्यों के प्रति ‘पिक एंड चूज’ का रवैया संघीय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है।

