Modi Cabinet News: Key Modi Cabinet Meeting; Four Major Schemes Approved
Modi Cabinet News: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते पैदा हुए व्यवधानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। इसके तहत कई प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है । मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने ‘भव्य’ औद्योगिक योजना (BHAVYA Industrial Initiative) को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) की ओर से ये फैसला लिया गया। इसके साथ ही चार बड़ी योजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है।
क्या है BHAVYA योजना?
यह योजना ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराएगी। इससे उद्योग अपनी सोच को उत्पादन में बदल सकेंगे। पहले से मंजूर जमीन, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ BHAVYA निवेशकों के लिए प्रवेश की बाधाओं को काफी हद तक कम कर देगी। इसके तहत देश में 100 औद्योगिक क्लस्टर बनाए जाएंगे, जो प्लग एंड प्ले होंगें। यानी कि सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं यहां पहले से ही होंगी। 100 बड़े औद्योगिक शहरों का विकास किया जाएगा
कपास किसानों को राहत
सरकार ने कपास सीजन 2023-24 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए हुए 1,718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी है। इस दौरान भारतीय कपास निगम के माध्यम से 33 लाख गांठ कपास की खरीद की गई, जिससे 7.25 लाख किसानों को लाभ मिला। किसानों को कुल 11,712 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
NH-927 परियोजना को मंजूरी
राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के बाराबंकी से बहराइच खंड को 4-लेन बनाने की 6,969 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली है। करीब 101.5 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। निर्माण के दौरान 36.54 लाख प्रत्यक्ष और 43.04 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
नवीकरणीय ऊर्जा पर फोकस
कैबिनेट ने 2,585 करोड़ रुपये की लघु जलविद्युत विकास योजना को भी स्वीकृति दी है। इस योजना का लक्ष्य 1,500 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करना है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये परियोजनाएं बिना बांध और विस्थापन के, नदी के प्रवाह पर आधारित होंगी, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव भी कम रहेगा। सरकार का अनुमान है कि इस क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होगा। देश में लघु जलविद्युत के लिए 21,000 मेगावाट तक की संभावनाएं मौजूद हैं।

