नई दिल्ली। तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने उत्तर भारतीयों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर के लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं और वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं।
वहीं, तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से यहां के बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर करोड़ों कमा रहे हैं। यह बयान दो-भाषा बनाम तीन-भाषा की पुरानी बहस को फिर से भड़का रहा है, खासकर जब विधानसभा चुनाव बस कुछ हफ्तों दूर हैं। मंत्री ने चेंगलपट्टू जिले में एक पार्टी कार्यक्रम में यह बात कही है। उन्होंने कहा, “उत्तर के लोग यहां टेबल साफ करने आते हैं… वे कंस्ट्रक्शन मजदूर बनकर या पानी पूड़ी बेचकर काम करते हैं, क्योंकि उन्होंने सिर्फ हिंदी सीखी है।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन हमारे बच्चे दो-भाषा नीति की वजह से अंग्रेजी अच्छी तरह सीखते हैं और विदेश जाते हैं। वे अमेरिका, लंदन में करोड़ों कमाते हैं।”
भाजपा ने की कड़ी निंदा
बीजेपी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे अपमानजनक बताया और कहा कि डीएमके नेता बार-बार प्रवासी मजदूरों, खासकर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषियों को निशाना बना रहे हैं।
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने एक्स पर पोस्ट किया कि मंत्री ने उत्तर भारतीयों को “टेबल क्लीनर और पानी पूरी सेलर” कहकर मजाक उड़ाया। उन्होंने लिखा, “आज के भारत में हर राज्य के लोग हर जगह काम करते हैं। कोई काम छोटा नहीं, कोई नागरिक हीन नहीं।” बीजेपी ने डीएमके पर सामाजिक विभाजन फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह पार्टी उत्तर भारतीयों को निशाना बनाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है।

