CG YOUTH CONGRESS PROTEST : Politics on farmers’ issue exposed, Congress’s protest weak
कोरबा, 2 फरवरी 2026। कोरबा में सोमवार को दिनभर सियासी उठापटक सुर्खियों में रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रवास को लेकर जिला भाजपा संगठन की ओर से जारी आमंत्रण पत्रों की “कार्ड पॉलिटिक्स” जहां राजधानी तक चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर भाजपा के नए जिला कार्यालय “अटल स्मृति” के भूमिपूजन के दिन युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन भी लोगों की नजरों में आ गया।
हालांकि किसानों के नाम पर किया गया यह विरोध प्रदर्शन जमीन से ज्यादा सियासत से जुड़ा नजर आया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के कार्यालय से शुरू हुआ प्रदर्शन महज 10–15 कदम चलने के बाद कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। वायरल वीडियो में साफ दिखा कि गिनती के 7–8 युवा कांग्रेसी तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे और पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू में ले लिया।
इससे पहले दिनभर भाजपा जिला संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे। मुख्यमंत्री साय द्वारा “अटल स्मृति” जिला कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को नजरअंदाज किए जाने और आमंत्रण पत्रों में बार-बार फेरबदल ने पार्टी के भीतर गुटबाजी और शिष्टाचार की कमी को उजागर कर दिया। दोपहर तक स्थानीय स्तर पर भाजपा संगठन की नेतृत्व क्षमता पर चर्चाएं होती रहीं।
इसी बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान युवा कांग्रेस का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन सामने आया। किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन के नाम पर नारे जरूर लगे, लेकिन न तो संख्या में दम दिखा और न ही कोई ठोस दबाव बन पाया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों के चेहरों पर नारे थे, तो पुलिस के चेहरों पर मुस्कान—जिससे यह साफ झलका कि सब कुछ औपचारिकता तक सीमित रहा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के कोरबा प्रवास के दिन भाजपा की “कार्ड पॉलिटिक्स” और कांग्रेस का कमजोर विरोध प्रदर्शन दोनों ने ही अपनी-अपनी सियासी हकीकत उजागर कर दी। किसानों जैसे गंभीर मुद्दे पर भी कांग्रेस की एकजुटता और रणनीति सवालों के घेरे में दिखी।

